- कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने गैर इरादतन हत्या के दो दोषियों को सात वर्ष और एक दोषी को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि बखिरा क्षेत्र के हटवा निवासी राम भरत निषाद ने 27 अगस्त 2006 को थाने पर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि उसके पिता रामलौट घर की सफाई कर रहे थे। उसी समय गांव के राम वृक्ष मिट्टी पाटने लगे। जब उसके पिता ने मना किया तो राम वृक्ष, बृजलाल उसके पिता को अपशब्द कहने लगे।
विरोध करने पर राम वृक्ष, बृजलाल सुभाष की पत्नी गीता व कमलावती जान माल की धमकी देते हुए उसके पिता को लाठी डंडा से मारने-पीटने लगे। शोर पर वह और उसके भाई दिनेश पहुंच गए। आरोप है कि लोग उन्हें भी मारने-पीटने लगे। पिटाई से सभी को काफी चोटें आईं। पिता राम लौट का इलाज कराने लेकर जा रहे थे कि रास्ते में सिहटिकर के पास उनकी मौत हो गई।
रामभरत ने अपने बयान में कहा कि उसके तथा आरोपियों के बीच में डीह की जमीन के बंटवारे का विवाद चल रहा था। रामवृक्ष बंटवारे में अधिक भाग पर कब्जा कर अपना मकान बनवा लिए थे। मारपीट के दौरान दिनेश को भी चोटें आईं थी। अभियोजन की तरफ से कुल दस लोगों की गवाही कराई गई। इस दौरान विचारण आरोपी कमलावती की मृत्यु हो गई।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह ने दोष सिद्घ होने पर बृजलाल को पांच वर्ष कारावास व सात हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया। जबकि रामबृक्ष निषाद व गीता निषाद को सात वर्ष कारावास व आठ हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की धनराशि में प्रतिकर के रूप में आधी धनराशि चोटिल को भी देने का आदेश दिया।