प्रधान ने संपूर्ण समाधान दिवस में की थी शिकायत
जांच में खुद की जमीन में मिट्टी खनन कराने के दोषी मिले पूर्व मंत्री के बेटे
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विकास खंड खलीलाबाद की ग्राम पंचायत खरवनिया कला में अवैध मिट्टी खनन से प्राथमिक विद्यालय और काली मंदिर को खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रधान की शिकायत पर हुई जांच में पूर्व मंत्री के बेटे खुद की जमीन में अवैधानिक तरीके से मिट्टी खनन कराने के दोषी पाए गए। एडीएम की ओर से पूर्व मंत्री के दो पुत्रों को नोटिस जारी करके जवाब मांग गया है।
खरवनिया कला की प्रधान विंदू देवी और उनके प्रतिनिधि अनुज सिंह ने पांच अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र दिया। कहा कि गांव के प्राथमिक विद्यालय के दक्षिण में सटे रईमा निवासी पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम आसरे पासवान के पुत्र नरेंद्र पासवान और सुरेंद्र पासवान का खेत है। इन लोगों ने अपने खेत से करीब 10 फीट से अधिक मिट्टी निकलवा दी है। इससे प्राथमिक विद्यालय की दीवार और उससे सटे काली मंदिर की दीवार गिरने की स्थिति में आ गई है। कई बार फोन के माध्यम से खनन इंस्पेक्टर से बात की गई, लेकिन उन्होंने दिलचस्पी नहीं दिखाई। बारिश होने पर खोदे गए खेत में पानी भरने से प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
खनन निरीक्षक नरेश कुमार महतो ने 14 अगस्त को मौके पर पहुंच कर प्रकरण की जांच की। जांच में पाया कि प्राथमिक विद्यालय खरवनिया कला के पास पूर्व दिशा में काली मंदिर का स्थल है। उसमें सटे दक्षिण तरफ अवैध साधारण मिट्टी का खनन किया गया है। अवैध खनन स्थल की पैमाइश करने पर 70 मीटर लंबाई, 24 मीटर चौडाई और 1.8 मीटर गहराई में कुल 3024 घनमीटर मिट्टी निकाली गई है। ग्रामीणों ने पूछताछ में बताया कि खनन स्थल पूर्व मंत्री राम आसरे पासवान के पुत्र नरेंद्र पासवान और सुरेंद्र पासवान का खेत है। इन्हीं दोनों भाइयों ने अवैध मिट्टी खनन व परिवहन कराया है। खनन निरीक्षक ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है।
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ग्रामीणों ने भी जताया खतरा
खरवनिया कला परिषदीय स्कूल के प्रधानाध्यापक अरविंद, पंचायत सहायक प्रतिनिधि तेज प्रकाश, अलोक सिंह, मारकंडेय सिंह, धीरज सिंह, श्रवण कुमार सिंह, तीरथ प्रसाद और राम केवल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के पूरब काली माता का मंदिर है। उसी से सटे दक्षिण पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम आसरे पासवान के पुत्र नरेंद्र पासवान, महेंद्र पासवान, सुरेंद्र पासवान का खेत है। नरेंद्र पासवान और महेंद्र पासवान ने काली मंदिर की दीवार से सटकर खनन किया है।
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परिषदीय स्कूल और काली मंदिर से सटे रईमा मैनसिर निवासी पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम आसरे पासवान के पुत्र नरेंद्र पासवान और सुरेंद्र पासवान का खेत है। इन लोगों ने अपने खेत में मिट्टी खनन कराई, जिससे स्कूल और मंदिर की दीवार को खतरा उत्पन्न हो गया है। बारिश में खेत में पानी भरने से स्कूल के बच्चों को भी खतरा हो सकता है। दोनों भाइयों से बातचीत की गई। उन लोगों ने खोदाई स्थल पर मिट्टी भरवाने का वादा किया, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। वह इस मामले में दोषी पाए गए लोगों पर कार्रवाई नहीं, वरन खोदे गए स्थल पर मिट्टी भरवाने की मांग कर रहे हैं, जिससे स्कूल, मंदिर और बच्चों की सुरक्षा हो सके। मेरे पर रुपये मांगने का आरोप गलत है। - अनुज कुमार सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि खरवनिया कला
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खरवनिया कला में परिषदीय स्कूल से कुछ दूरी पर मेरा खेत है। खेत से तीन फीट मिट्टी निकालने के लिए दोनों भाइयों ने जेसीबी मालिक से 20,000 रुपये में सौदा किया था। जेसीबी मालिक ने तीन फीट की जगह कुछ अधिक मिट्टी खनन करा ली। खरवनिया कला के प्रधान के प्रतिनिधि अनुज कुमार सिंह ने प्रशासन से शिकायत कराने की धमकी देकर 20,000 रुपये की मांग की। जब उनकी मांग पूरी नहीं की तो उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में करा दह। अभी तक प्रशासन का नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने पर जवाब दिया जाएगा। -सुरेंद्र पासवान उर्फ स्वामी पासवान, रईमा मैनसिर
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खनन निरीक्षक की जांच में पूर्व मंत्री स्वर्गीय राम आसरे पासवान के पुत्र नरेंद्र पासवान और सुरेंद्र पासवान अवैध मिट्टी खनन के दोषी पाए गए हैं। उन्हें नियम के तहत नोटिस जारी किया गया है। 30 दिन में दोनों भाइयों से जवाब मांगा गया है। तय दिवस में जवाब नहीं देने अथवा संतोषजनक जवाब नहीं देने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। -जय प्रकाश, एडीएम
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यह है नियम
- तालाब बनाने में मिट्टी खनन पर रोक नहीं है, लेकिन इसकी सूचना तहसील में और डीएम कार्यालय को देनी होगी।
- कुम्हारों को मिट्टी के बर्तन बनाने में मिट्टी खनन पर रोक नहीं है, लेकिन इसकी सूचना तहसील और डीएम कार्यालय को देनी होगी।
- किसान यदि अपने खेत से खुद की जरूरत के लिए मिट्टी खनन करना चाहता है तो प्रतिवर्ष 100 घनमीटर यानि 35 ट्राली मिट्टी खनन करा सकता है, लेकिन इसके लिए उसे संबंधित पोर्टल पर आन लाइन आवेदन करना होगा।
- दो मीटर से अधिक मिट्टी का खनन कराने के लिए पर्यावरण का प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है।
- नियम का उल्लंघन करने पर प्रति हेक्टेयर दो लाख से पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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मेंहदावल क्षेत्र में भी पाया गया था अवैध मिट्टी खनन का मामला
पूर्व एसडीएम मेंहदावल ने करमैनी-बेलौली बांध के किनारे मिट्टी खनन किए जाने की सूचना पर फरवरी 2023 में क्षेत्रीय लेखपाल से जांच कराई थी। जांच में पाया गया कि बेलौहा निवासी रंगनाथ पुत्र जमुना अपने बैनामे की जमीन में बिना किसी आदेश के मिट्टी खनन करवा रहे थे, जो नदी और बांध के बीच में है। मिट्टी खनन होने से बंधे पर पानी का दबाव बढ़ने से बंधे के टूटने की आशंका प्रबल हो जाएगी। खनन निरीक्षक नरेश कुमार महतो ने बताया कि अवैध मिट्टी खनन का प्रकरण पाए जाने पर दोषी रंगनाथ को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जवाब नहीं दिया। डीएम की ओर से उन पर 31,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे रंगनाथ ने जमा भी कर दिया।