टूट कर गिरे तो आग से फसलों को होगा नुकसान, किसान चिंतित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खेतों में फसल पकने के कगार पर हैं। इसी के साथ किसानों की चिंता बढ़ गई है। कारण यह है कि खेतों से होकर गुजरे जर्जर व ढीले तार अब तक ठीक नहीं कराए जा सके हैं। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही तारों के टूटकर गिरने की आशंका बनी हुई है। यदि तार टूट कर गिरे तो फसल में आग लगने की वजह बन सकते हैं। बावजूद इसके संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर खेतों से होकर हाईटेंशन तार खींचे गए हैं। करीब 20 से 25 साल पहले लगाए गए विद्युत तार व खंभे जर्जर हो चुके हैं। हल्की हवा चलने पर तार आपस में टकराते हैं और चिंगारी निकलने के साथ तार टूटकर गिरते रहते हैं। वर्तमान में खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पककर तैयार है। ऐसे में इन जर्जर तारों के चलते किसानों की चिंता बढ़ गई है।
कारण यह है कि खेतों से होकर गुजरे विद्युत तार अधिकतर गांवों में जर्जर हैं। खलीलाबाद क्षेत्र के छोटी सरौली, नहसापार, केरमुआ, धनघटा, पौली, मेंहदावल आदि क्षेत्रों में ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। किसान रामप्रीत, दिनेश कुमार, रामजीत आदि ने बताया कि गर्मी बढ़ने के साथ ही विद्युत तारों के टूटकर गिरने की आशंका बनी रहती है। यदि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी तो फसल बर्बाद होने के साथ ही अरमान पर भी पानी फिर जाएगा।
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दमकल विभाग की तैयारी आधी-अधूरी
पिछले वर्ष जिले में आग लगने की कुल 273 घटनाएं हुई थीं। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। दो मवेशियों की भी जान चली गई थी। इसके साथ ही 9,86,7500 रुपये की क्षति का अनुमान लगाया गया था। इस वर्ष भी आग की 14 घटनाएं हो चुकी हैं। जहां तक फायर बिग्रेड की तैयारियों की बात है तो कुल 10 अग्निशमन वाहन हैं और सभी क्रियाशील हैं।एफएसओ एक, एफएसएसओ दो, लीडिंग फायरमैन छह, फायर सर्विस चालक सात, फायर मैन 28 तैनात हैं। शहर में चार फायर हाइड्रेंट बने हैं, लेकिन यह ढूंढने से भी नहीं दिखते। एसपी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि फायर विभाग को आग बुझाने का मुकम्मल इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी स्तर पर यदि कोई कमी होगी तो उसे समय रहते दूर करा दिया जाएगा।
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कोट
विद्युत निगम गर्मी के मौसम में जर्जर व ढीले तारों को ठीक कराने के लिए प्रयत्नशील है। कर्मचारियों को इसके लिए लगाया गया है। पूरा प्रयास है कि जल्द तारों को ठीक करा दिया जाए।
दिव्य रंजन, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम