- 400 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशस्ति पत्र देकर करेंगे सम्मानित
- 1700 मरीजों का चल रहा इलाज, 500 रुपये मिलता है भत्ता, 30 मास्टर ट्रेनर बनाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ग्राम पंचायतों को स्वस्थ और खुशहाल बनाने के लिए पहले उन्हें टीबी मुक्त बनाया जाएगा। इसके लिए टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत टीबी मुक्त हुई तो ग्राम पंचायत के प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी की चांदी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। जिले में 440 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है। जिले में करीब 1700 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रत्येक टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये मिलते है। अब ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य है। इसके लिए शासन स्तर पर प्रशिक्षण हो गया है। जिले में 30 मास्टर ट्रेनर बनाए गए हैं, इसमें दो स्वास्थ्य और एक पंचायतकर्मी शामिल हैं। ये मास्टर ट्रेनर अपने ब्लॉक के सीएचओ को प्रशिक्षण देंगे।
इसके अलावा जिस ग्राम पंचायत में एक भी टीबी का मरीज नहीं होगा उस ग्राम पंचायत को सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए पहले राज्य और केंद्र की टीम पहुंचकर शासन से निर्धारित बिंदुओं पर समीक्षा करेगी। इसके बाद जो भी ग्राम पंचायत टीबी मुक्त होगी। उस ग्राम पंचायत के प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महात्मा गांधी की चांदी की प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। अगर कोई ग्राम पंचायत लगातार दो साल तक टीबी मुक्त रहता है, तो प्रधान को सोने की प्रतिमा दी जाएगी। जिला क्षय रोग विभाग सभी ग्राम पंचायतों से सहयोग मांग रहा है कि ताकि गांव को टीबी मुक्त बनाया जा सके।
इन बिंदुओं पर होगी समीक्षा
- जांच में प्रति हजार एक या उससे कम मरीज में टीबी की पुष्टि हो।
- कुल मरीजों में से 60 प्रतिशत का सस्टेबिलिट टेस्ट (बीमारी के अनुरूप इलाज चलना) जरूरी
- गांव में पहले से मौजूद टीबी मरीजों में 85 फीसदी का सही होना जरूरी।
- गांव में टीबी संदिग्धों में 30 या इससे अधिक मरीज होना जरूरी।
- निक्षय पोषण योजना में सभी मरीजों को कम से कम एक किस्त (एक हजार रुपये) उनके खाते में पहुंचना जरूरी।
- अपनी सहमति साझा किए मरीजों को किसी व्यक्ति, कर्मचारी या संस्था द्वारा गोद लेकर पोषण किट दिया जाना।
जो भी ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होंगी, वहां के प्रधान को सम्मानित किया जाएगा। जिले में 400 गांवों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2025 तक हर हाल में जिले काे टीबी मुक्त करना है। पंचायतों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, इसमें सभी की सहभागिता जरूरी है।
- डॉ. एसडी ओझा, जिला क्षय रोग अधिकारी