संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के 61 परिषदीय विद्यालयों की छतों और परिसर से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। शासन ने तार शिफ्ट करने में लगने वाले खर्च का ब्योरा मांगा है। विभाग ने इसके लिए बिजली निगम से हाईटेंशन तार को हटाने में होने वाले खर्च की जानकारी ली।
निगम ने 52 लाख 62 हजार रुपये खर्च होने की बात कही है। बीएसए ने स्कूलों की सूची बेसिक शिक्षा निदेशक को भेज दी है। अब अगर बजट मिलेगा तब ही तार हट सकेंगे, नहीं तो बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराता रहेगा।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। इनमें 805 प्राथमिक विद्यालय, 192 उच्च प्राथमिक विद्यालय और 250 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में 61 ऐसे स्कूल हैं जिनके परिसर और भवन की छत से हाईटेंशन तार गुजरे हैं। इन तारों से परिसर में हमेशा खतरा बना रहता है। स्कूल में अगर कोई कार्यक्रम है तो सतर्कता से किया जाता है।
प्रधानाध्यापकों ने इसके लिए विभागीय अधिकारियों से कई बार पत्राचार किया, लेकिन तार नहीं हटाए जा सके, क्योंकि हाईटेंशन तार हटाने में आने वाले खर्च को बिजली निगम वहन नहीं करेगा। उसके लिए विभाग को ही यह रकम वहन करना है। विभाग ने जब इसका आकलन कराया तो बिजली निगम ने 52 लाख 62 हजार रुपये का खर्च होना बताया है। हर विद्यालय का अलग-अलग खर्च है। यह रकम जब निगम को मिलेगा तब तार और पोल वहां से हटाकर अन्य जगहों पर शिफ्ट करेंगे।