संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट पीठासीन वीरेंद्र कुमार ने दहेज हत्या के अपराध में दोषी पति आशाराम को सात साल की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है। वहीं ससुर सुखलाल एवं सास विंद्रावती को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। सभी इटवा थानाक्षेत्र के ग्राम बैरवा के निवासी हैं।
घटना इटवा थानाक्षेत्र के ग्राम बैरवा में छह नवंबर 2019 को घटी थी। पल्टू राम निवासी तिवारीपुर, थाना गोल्हौरा ने पुलिस को तहरीर दी कि उसने पुत्री रेशमी की शादी वर्ष 2017 में आशा राम पुत्र सुखलाल के साथ किया था। रेशमा के पास लगभग एक वर्ष की पुत्री है। उसको उसकी सास विंद्रावती देवी, ससुर सुखलाल निवासीगण बैरवा, थाना इटवा हमेशा दहेज के लिए प्रताड़ित किया करते थे। छह नवंबर 2019 को सुबह फोन पर मालूम हुआ कि लड़की की मृत्यु हो गयी है। तत्काल अपने गांव से लड़की की ससुराल आया तो लड़की का शव घर के बाहर चारपाई पर पड़ा था। लड़की को उसके पति व सास ने मिलकर कुछ खिला-पिला कर मार डाला है।
पुलिस ने केस दर्ज करके पोस्टमार्टम करवाया और विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने विचारण के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर पत्रावली का सम्यक अवलोकन किया। गवाहों की गवाही, जिरह, एफआईआर, आरोप पत्र, केस डायरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य सुसंगत साक्ष्यों के आधार पर पति आशाराम को दहेज हत्या का दोषी ठहराया।
जबकि सास एवं ससुर के प्रति अभियोजन पक्ष मामला साबित करने में विफल रहा जिससे उन्हें न्यायालय ने दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय ने पति को सात साल की सजा सुनाते हुए उसपर 14 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी एडीजीसी संतोष कुमार मिश्र ने किया।