- बाइक न मिलने पर पत्नी की गला दबाकर की हत्या
- 7500 रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) देवेंद्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने दहेज में बाइक न मिलने पर पत्नी की गला दबा कर हत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर पति रामेश्वर पाठक उर्फ भोला को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही 7500 रुपये अर्थदंड भी लगाया। अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं सास, ससुर, ननद, देवर को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
सिद्धार्थनगर जनपद के बड़हरा की रहने वाली रागिनी उर्फ रिंकी के भाई विशाल पांडेय ने 22 जुलाई 2017 को धर्मसिंहवा थाने में तहरीर दिया कि बहन की शादी दो जून 2017 को ग्राम बौर ब्यास थाना धर्मसिंहवा के रामेश्वर पाठक पुत्र प्रताप पाठक के साथ हुई। रामेश्वर बाइक की मांग करने लगा। शादी में करीब 12 लाख रुपये खर्च किए। आरोप लगाया कि दहेज में बाइक न देने पर बहन रागिनी को 20 जुलाई 2017 की रात में ससुराल के लोगों ने मिलकर हत्या कर दी।
भाई ने आरोप लगाया कि बहन के गला को दबाकर मारा गया। घटना में पति रामेश्वर पाठक उर्फ भोला, मां दुर्गावती देवी, बसंती देवी, पिता प्रताप पाठक, भाई महेंद्र, पवन और नवल शामिल हैं। थाना दुधारा में सभी आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। तत्कालीन सीओ मेंहदावल सुरेंद्र सिंह और हौसला प्रसाद ने विवेचना की।
नौ लोगों की गवाही के बाद अदालत ने दिया फैसला
कोर्ट में वादी मुकदमा विशाल पांडेय, शारदा देवी समेत कुल नौ लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद थाना धर्मसिंहवा निवासी सास दुर्गावती देवी, ननद बसंती देवी, ससुर प्रताप पाठक, देवर महेंद्र पाठक, पवन पाठक, नवल पाठक को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। पति रामेश्वर पाठक उर्फ भोला को दिव्यांग पत्नी रागिनी उर्फ रिंकी को दहेज में बाइक न मिलने के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हुए दहेज हत्या में दोषी पाए जाने पर सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 7500 रुपये अर्थ दंड भी लगाया। अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।