छपिया छितौना निवासी हनीफा खातून ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनकी शादी तिलजा निवासी मासूक अहमद के साथ हुई थी। शादी के बाद उसके पति, ससुर रहमतुल्लाह, सास शमसुन्निशा दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। पुलिस ने इस मामले में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज किया। बाद में दोनों पक्षो के बीच सुलह हो गई। सुलह के बाद आठ जुलाई 2011 को उसके ससुराली उसे विदा कराकर बांबे ले जाने के लिए घर से चले। रास्ते में उसे मारने पीटने लगे। पति ने हाथ पकड़ लिया, सास ने दोनों पैर पकड़ लिया और ससुर उसे लाइटर से जलाने लगे जिससे उसका चेहरा जल गया। उसका आरोप था कि इसके साथ ही ससुरालियों ने उसे डंडे से भी पीटा। न्यायिक दंडाधिकारी ने दोनों पक्षों और गवाहों के बयान के आधार पर पति मासूक अहमद, ससुर रहमतुल्लाह और सास शमसुन्निशा को अपराध का दोषी पाया। कोर्ट ने पति समेत तीनों को तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही साढ़े तीन हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया हैँ।