- विचारण के दौरान सास- ससुर की हो गई थी मौत
- साक्ष्य के अभाव में ननद दोषमुक्त
-27,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख ने दहेज की मांग को लेकर पत्नी की गला दबा कर हत्या करने के दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 27,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर नौ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक अच्युता नंद शुक्ल ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के नाऊडाड निवासी समीउल्लाह ने एसपी को तहरीर दी थी। जिसमें कहा गया कि उसकी बेटी आसिया बेगम की शादी मुहम्मद अतहर निवासी कबरा थाना दुधारा के साथ हुई थी। कुछ ही दिन के बाद उसकी बेटी से पति मुहम्मद अतहर आदि ससुराली दहेज की दोबारा मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर उसकी बेटी को ससुराल के लोग प्रताड़ित करते रहे।
25 जून 2015 की शाम तीन बजे उन्होंने अपनी बेटी से मोबाइल से बातचीत की। उसके एक घंटे बाद मुहम्मद अतहर का फोन आया कि आप की बेटी की तबियत खराब है, वह बेहोश हो गई है। ओबैदुल्लाह को अपने घर बुलाया उसका बेटा वहां पर गया, जिसे सही बात नहीं बताई गई। उसका बेटा बोलेरो से दवा कराने बेटी को खालीलाबाद अपने जीजा मोहम्मद अतहर के साथ भेज दिया और स्वयं बाइक से आया।
बाद में पता चला कि उसकी बेटी की मौत फांसी से हुई है। तहरीर के आधार पर थाना दुधारा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने पति मुहम्मद अतहर, ससुर मोहम्मद यासीन, सास आमीना, ननद सोना के विरुद्ध दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप पत्र साक्ष्य के आधार पर न्यायालय में प्रेषित किया। विचारण के दौरान आरोपी ससुर मुहम्मद यासीन, सास आमीना की मृत्यु हो गई। जबकि आरोपी सोना को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।