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Sant Kabir Nagar News: ग्रीन बेल्ट में धड़ल्ले से बनते गए मकान...हरियाली का नामोनिशान नहीं

Sun, 13 Aug 2023 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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हाईवे के किनारे ग्रीनलैंड में बने मकान।
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-प्रशासन की सुस्ती : गलत नक्शा पास करने के आरोप में निलंबित जेई हाे गया बहाल, 50 लोगों को नोटिस के बाद भी होता गया निर्माण
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सरैया नवीन मंडी से मगहर दुर्गा मंदिर तक हाईवे के किनारे दोनों तरफ चिह्नित है 110-110 फीट ग्रीन बेल्ट
प्रशासन ने पहले नहीं दिखाई सख्ती, अब नोटिस का दिखावा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। हरियाली बढ़ाने और उसे बचाने को लेकर शासन भले अभियान चला रहै है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग को इसकी चिंता नहीं हैं। शहर के ग्रीन बेल्ट में ही हरियाली का नामोनिशान नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों की जगह मकान, दुकान, अस्पताल और रेस्टोरेंट बन गए हैं। प्रशासन की सक्रियता का आलम यह है कि गलत नक्शा पास करने के आरोप में एक साल पहले निलंबित जेई बहाल हो गया है। इस दौरान पचास लोगों को नोटिस भी जारी किया गया। इसके बाद भी ग्रीन बेल्ट में मकान बनते जा रहे हैं।
जिला मुख्यालय के सरैया नवीन मंडी से लेकर मगहर तक गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्रीन बेल्ट में सैकड़ों दुकानें और मकान बन गए हैं। अस्पताल और रेस्टारेंट खुल चुके हैं। इसके बाद भी प्रशासन आंखें बंद करके बैठा है।
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विनियमित क्षेत्र के कार्यालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, सरैया की नवीन मंडी से लेकर मगहर दुर्गा मंदिर तक हाईवे के किनारे दोनों तरफ 110-110 फीट ग्रीन बेल्ट के नाम से दर्ज है। नियमत: ग्रीन बेल्ट में आवासीय या व्यावसायिक भवन नहीं बनाए जा सकते। इसके बाद भी कई भूस्वामियों ने मकान-दुकान बनवा लिया है। कुछ लोगों ने जमीन खरीद कर निर्माण करा लिया है। हालांकि, ग्रीन बेल्ट में आवासीय या व्यावसायिक भवन का नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता है। पड़ताल में पाया गया कि ग्रीन बेल्ट की आड़ में कुछ लोग अपना विकास करने में जुटे हुए हैं।
शहर के मेंहदावल बाईपास से गुजरे हाईवे पर दोनों तरफ सर्विस लेन के किनारे ग्रीन बेल्ट में कई अस्पताल, दुकान और रेस्टोमेंट व मकान बना लिए गए हैं। सरैया से लेकर मगहर की सीमा तक करीब 12 किलोमीटर की दूरी तक ग्रीन बेल्ट है। सरैया, मड़या, नेदुला, छोटी सरौली, मेंहदावल बाईपास, डीघा, बंगलाताल, धौरहरा, भैसहिया, सेमरा, मगहर में ग्रीन बेल्ट में 400 से अधिक दुकानें, ढाबा और रेस्टोरेंट व घर बनाए गए हैं। ऐसा करने वालों में कई नामचीन भी शामिल हैं। शहर क्षेत्र की परिधि में एक नेता ने भी निर्माण करा लिया है। नियम विरुद्ध तरीके से कराए गए निर्माण को रोकने की जिम्मेदारी विनियमित क्षेत्र कार्यालय की है, लेकिन जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। हाईवे की पटरी के किनारे हरियाली गायब है।
इंसेट
गलत नक्शा पास करने के मामले में निलंबित हुए थे जेई
मेंहदावल बाईपास से बस्ती जाने वाली लेन पर हाईवे के किनारे ग्रीन बेल्ट में बने भवन में प्राइवेट अस्पताल संचालित होता है। विनियमित क्षेत्र के जेई चंद्र प्रकाश चौधरी पर आरोप था कि उन्होंने नियम विरुद्ध तरीके से भवन का नक्शा पास पास कर दिया था। इस मामले की शिकायत हुई तो सह आयुक्त नियोजक गोरखपुर ने प्रकरण की जांच की। जांच में मामला सही पाए जाने पर एक साल पूर्व जेई को निलंबित कर दिया गया था।
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ग्रीन बेल्ट में हाईवे के किनारे हरियाली के लिए पौधे लगाए जाएंगे। हाईवे के डिवाइडर पर पौध रोपण के लिए एनएचएआई से अनुमति मांगी है। यदि अनुमति मिल जाएंगी तो डिवाइडर पर पौध लगाए जाएंगे। -पीके पांडेय, डीएफओ

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ग्रीन बेल्ट में नक्शा स्वीकृत नहीं हो सकता है। ग्रीन बेल्ट में निर्माण कार्य कराए जाने का नियम नहीं है। यदि नियम तोड़ कर लोग मकान, दुकान, अस्पताल, रेस्टोरेंट बनवा रहे हैं तो यह गलत है। एसडीएम को निर्देश देंगे कि वे इसकी जांच कराएं और नियम का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कराएं। - संदीप कुमार, डीएम
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विनियमित क्षेत्र के जेई को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच करके पता लगाते रहें कि कोई व्यक्ति ग्रीन बेल्ट में भवन निर्माण न करने पाए। यदि ऐसा करते कोई पाया जाता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही विनियमित क्षेत्र के नियत प्राधिकारी कोर्ट में वाद दायर कराया जाएगा। वैसे पूर्व में ग्रीन बेल्ट में भवन, दुकान, रेस्टोरेंट, अस्पताल बनाने वाले 50 लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। उनसे जवाब भी मांगा गया है। -शैलेश दूबे, एसडीएम सदर, नियत प्राधिकारी, विनियमित क्षेत्र मगहर, खलीलाबाद
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