अब प्रत्येक थाने पर बनेगा विवेचना कक्ष और हॉस्टल
संतकबीरनगर। थानों पर तैनात पुलिस कर्मियों के रहने की समस्याएं दूर होगी। अब उन्हें किराए पर कमरा ढूंढने की समस्या से मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है। इसके लिए प्रत्येक थानों पर हॉस्टल बनाया जाएगा। इसके साथ ही अलग से विवेचना कक्ष का निर्माण होगा। ऐसा निर्णय शासन ने लिया है। कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद की ओर से प्रस्ताव तैयार करा एसपी के माध्यम से पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजवा दिया गया है।
जिले में कुल नौ थाने है। प्रत्येक थानों पर एसओ, एसआई समेत करीब 100 की संख्या में पुलिस कर्मी तैनात है। सबसे बड़ी समस्या पुलिस कर्मियों के समक्ष आवास की है। इसमें महिला पुलिस कर्मियों को खास परेशानी है। थानों पर बैरक की क्षमता कम है। जिसकी वजह से अधिकांश पुलिस कर्मियों को प्राइवेट कमरा ढूंढना पड़ता है। इसमें परेशानी तब बढ़ जाती है ,जब पुलिस कर्मी किसी थाने पर नियुक्त होते है और फिर वे कमरा तलाशते है। कम समय में यदि उनका तबादला दूसरे थाने पर होता है तो वही समस्या फिर सामने खड़ी हो जाती है। शासन ने पुलिस कर्मियों के निवास की समस्या को गंभीरता से लिया है। इसके लिए एक जून 2022 को शासनादेश जारी करके प्रदेश के सभी जिलों में थानों पर हॉस्टल और विवेचना कक्ष बनाए जाने का निर्णय लिया है। जिले में कार्यदाई संस्था उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद को जिम्मेदारी दी गई है। कार्यदाई संस्था के अधीक्षण अभियंता सुमित कुमार ने बताया कि शासन ने हॉस्टल के साथ ही विवेचना कक्ष भी बनाए जाने को कहा है। कोतवाली खलीलाबाद, महिला थाना, धनघटा और बेलहर कला में में 48-48 पुलिस कर्मियों के लिए हॉस्टल बनाया जाएगा। जबकि दुधारा, धर्मसिंहवा, मेंहदावल, महुली और बखिरा थाने में 32-32 पुलिस कर्मियों के रहने के लिए हॉस्टल बनाया जाएगा। हॉस्टल दो मंजिला बनेगा। निचले मंजिल में महिला पुलिस कर्मियों के लिए व्यवस्था होगी। जबकि ऊपरी मंजिल पर पुरुष पुलिस कर्मी रहेंगे।
इसके अलावा प्रत्येक थानों पर चार-चार कमरे का विवेचना कक्ष बनाया जाएगा। प्रत्येक थाने पर हॉस्टल और विवेचना कक्ष बनाने में करीब डेढ़- डेढ करोड का खर्च आएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजवा दिया गया है। जैसे ही शासन से धन आवंटित होगा,वेसे ही काम शुरु करा दिया जाएगा। संवाद
थानों पर विवेचना कक्ष नहीं है। शासन की पहल पर अब थानों पर विवेचना कक्ष बनाया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस कर्मियों के लिए दो मंजिला हॉस्टल बनेगा। शासन की इस पहल से पुलिस कर्मियों के रहने की समस्याएं दूर होगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट स्वीकृत हो जाएगा। उसके बाद कार्यदाई संस्था तेजी के साथ कार्य कराएंगी।
- सोनम कुमार,एसपी