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Sant Kabir Nagar News: लुधियाना की तर्ज पर विकसित हो रहा होजरी उद्योग

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महुली कस्बे में होजरी कपड़े की पैकिंग करते कारीगर। संवाद - फोटो : KHALILABAD
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लुधियाना की तर्ज पर विकसित हो रहा होजरी उद्योग
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एक जनपद एक उत्पाद में शामिल है होजरी
बरदहिया कपड़ा मंडी में आसानी से बिक जाता है माल
संतकबीरनगर। होजरी उद्योग को जिले में ‘एक जिला एक उत्पाद’ के तहत शामिल किया गया है। इसका असर भी दिखने लगा है। लुधियाना की तर्ज पर यहां के कारोबारी होजरी के कारोबार को अपना रहे हैं। दससे न सिर्फ कारोबार बढ़ रहा है, बल्कि लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।
होजरी के कपड़े के लिए कभी लुधियाना पर निर्भरता थी। कारोबारी वहां से होजरी का कपड़ा खरीदकर लाते थे और खलीलाबाद के बरदहिया बाजार में उसकी बिक्री होती थी। लुधियाना आने-जाने के कारण कारोबारियों को न सिर्फ समय बर्बाद करना पड़ता था, बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा था। एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने के बाद अब होजरी व्यवसाय का तेजी से विकास कर रहा है।
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जिले के मुखलिसपुर, महुली, हरिहरपुर, नाथनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में होजरी उद्योग अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां बनने वाले बच्चों के कपड़े, टी शर्ट, लोअर, जैकेट आदि बरदहिया बाजार सहित आसपास के जनपदों में खूब बिक रहे हैं। इन कस्बों के आसपास की करीब 90 फीसद आबादी होजरी उद्योग से जुड़ गई है।
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हुनरमंद हाथों ने बदल दी तस्वीर
कारोबारियों को लगा कि लुधियाना से होजरी का कपड़ा खरीद कर लाने में समय और धन की बर्बादी हो रही है तो धीरे-धीरे उन्होंने काम समझ लिया। उन्हें लगा कि यह काम तो अपने गांव में भी किया जा सकता है। फिर क्या था, पहले तो कुछ लोग लुधियाना से कच्चा माल जैसे कपड़े वगैरह ले आए और खुद बनाना शुरू किया। देखते ही देखते यह जिला होजरी उद्योग का हब बन गया है। महुली के मुगल, मुख्तार, फिरोज, नाथनगर क्षेत्र के बसिया गांव निवासी इसरार अहमद खान आदि इस व्यवसाय से जुड़े हैं। इन्होंने अपना कारखाना बना लिया है। जहां कारीगर इस व्यवसाय को अपनाकर न सिर्फ परिवार की आजीविका चला रहे हैं, बल्कि दूसरों को काम सिखा रहे हैं।
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सीएम के प्रोत्साहित करने का दिख रहा असर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिला कारागार के उद्धाटन पर जिले में आए थे। उन्होंने होजरी उद्योग को लेकर कारोबारियों को प्रोत्साहित करने की बात कही थी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि होजरी कारोबार के लिए बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाए। महिलाओं को सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई। हालांकि ऋण लेने में कारोबारियों को दिक्कत आ रही थी, लेकिन अब प्रतिमाह बैठक कर ऋण की पत्रावलियों को निस्तारित कराया जा रहा है।
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कोट
होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है। समय-समय में इस कारोबार से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऋण उपलब्ध कराने के साथ अन्य समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-राजकुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग
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