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Sant Kabir Nagar News: सेंट्रल लैब की आस अधूरी, हेल्थ एटीएम भी नहीं हुआ शुरू

Sat, 01 Jul 2023 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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जिलाअस्पताल के पैथालाजी लैब के बाहर रिपोर्ट लेने के लिए लगी मरीजो की भीड़।
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संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में सेंट्रल लैब खुलना था। टीम ने निरीक्षण भी किया लेकिन अभी तक सेंट्रल लैब नहीं खुल सका। इसी तरह से दो सीएचसी पर हेल्थ एटीएम मशीन पांच माह पूर्व आ गई लेकिन वह भी शुरू नहीं हुआ। इन परियोजनाओं के अधर में लटकने से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
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जिला अस्पताल में वैैसे तो पैथालॉजी लैब है, लेकिन वह कई जगह टुकड़ों में है। एमसीएच विंग में एक लैब, जिला अस्पताल में तीन जगहों पर अलग-अलग लैब बने है। जहां पर लोगों के ब्लड जांच का कार्य किया जाता है। हर लैब अलग-अलग दूरी पर है। जिसे मरीजों को इन लैब पर चक्कर लगाना पड़ता है। इन सब समस्याओं को देखते हुए शासन ने अस्पताल में सेंट्रल लैब खोलने का निर्देश दिया था। जिसको लेकर शासन की टीम ने अक्टूबर में जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। उस समय अस्पताल परिसर में जगह न होने के चलते महिला वार्ड को इसके लिए चिन्हित किया गया था। महिला वार्ड को एमसीएच विंग में शिफ्ट किए जाने की तैयारी हुई थी। जिसके बाद पांच माह पूर्व आनन-फानन में महिला वार्ड को एमसीएच विंग में स्थानांतरित कर दिया था ताकि वार्ड को सेंट्रल लैब में परिवर्तित कर दिया जाए। तब से अभी तक सेंट्रल लैब की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। मरीजों को अभी भी जांच के लिए कई कमरों का चक्कर काटना पड़ता है। सीएमएस डॉ महेश प्रसाद ने कहा कि सेंट्रल लैब के लिए महिला वार्ड को प्रस्तावित किया गया है। शासन स्तर से ही सेंट्रल लैब बनाया जाना है। वहां से जैसा आदेश आएगा उसके अनुरूप कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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एक जगह होती जांच तो मिलती सहूलियत जिला अस्पताल में ब्लड जांच कराने आए थे। एक कमरे में कुछ ब्लड लिया है और उसके बाद दूसरे कमरे में भेज दिया। यहां पर पर्ची मिली फिर 80 नंबर कमरे में भेज दिया। यहां भी ब्लड निकाला गया। जांच रिपोर्ट 80 नंबर में मिलने के बाद जहां पहले ब्लड निकलवाया था वहां पर भेजा गया। वहां से भी रिपोर्ट मिली। अगर यह सब एक जगह होता तो इतनी भागदौड़ नहीं करनी पड़ती।
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- नदीम हुसैन

रिपोर्ट लेने के लिए तीन जगहों पर जाना पड़ता है
ब्लड जांच के लिए आया था। ब्लड दो जगहों पर निकाला गया। एक जगह ब्लड निकाला उसके बाद दूसरे कमरे में छोटी पर्ची मिली, उसे लेकर तीसरे कमरे में गया तो वहा ब्लड निकाला गया। इसके बाद रिपोर्ट के लि तीन जगहों पर जाना पड़ा। मरीज के साथ अगर कोई आया है तो ठीक नहीं तो मरीज को ही दौड़ना पड़ता है।
- निजामुद्दीन

गर्भवती महिलाओं को होती है दिक्कत
खून जांच में गर्भवती महिलाओं को समस्या उठानी पड़ती है। उन्हे एक कमरे से लगायत तीन कमरों तक दौड़ाया जाता है। कमरे भी करीब 100 मीटर की दूरी पर है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को सीढ़ी चढ़ना पड़ता है जिससे उनको समस्या होती है।

धूल फांक रहा हेल्थ एटीएम
संतकबीरनगर। जिले में मरीजों की जांच के लिए दो सीएचसी पर हेल्थ एटीएम लगाई गई थी। पांच माह पूर्व यह मशीन सीएचसी खलीलाबाद और सीएचसी सेमरियावां में भेजी गई थी पर अभी तक यह मशीन शुरू नहीं हो पाई है। यह मशीन एक कमरे में रखी गई है इस मशीन से ब्लड प्रेशर, शुगर, हार्ट आदि की जांच होनी है, पर मशीन शुरू न होने से मामला अधर में लटका है। सीएमओ डॉ. अनिरूद्घ सिंह ने बताया कि हेल्थ एटीएम क्यों नहीं शुरू हुआ इसके बारे में जानकारी लेंगे और जल्द ही इसे शुरू कराएंगे।
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