संतकबीरनगर। मेंहदावल के प्रवीण शुक्ला बृहस्पतिवार को बाइक से दोस्त के साथ ख़लीलाबाद आ रहे थे। बनकटिया से आगे निकले तो एक राहगीर ने टोका, शहर में बिना हेलमेट जा रहे हैं? 1,000 रुपये चालान के लिए तैयार रखें। प्रवीण ने सड़क की पटरी पर लगी दुकान से हेलमेट खरीदा।
प्रवीण जैसे सैकड़ों लोग रोज शहर के एंट्री प्वाइंट पर चालान के खौफ में हेलमेट खरीद रहे हैं। बनकटिया, मेंहदावल बाईपास, बरदहिया बाजार, मगहर चौराहे पर सड़क के किनारे सजी दुकानों से रोज 400 से 500 हेलमेट बिक रहे हैं।
बस्ती-संतकबीरनगर सीमा पर भुजैनी कस्बे से सटे फोरलेन पर हेलमेट की आधा दर्जन दुकानें हैं। दुकानदार नरेंद्र तिवारी ने बताया कि जबसे ट्रैफिक पुलिस ने हेलमेट को लेकर चालान करने में तत्परता दिखाई है, तब से घर में ही हेलमेट का कारोबार शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि 350 रुपये से 1200 रुपये तक के हेलमेट उपलब्ध हैं। ज्यादातर लोग ब्रांड वाला हेलमेट खरीद रहे हैं। रोजाना पांच से छह हेलमेट बिक जाता है। वह हेलमेट मरम्मत का भी काम करते हैं।
इसी तरह मडया में भी सड़क के किनारे दुकानें सजी दिखाई देती हैं। दुकानदार अभिनव गुप्ता ने बताया कि कस्बे में हेलमेट को लेकर लापरवाही है। ऐसे में शहर जाते समय कई बार लोग हेलमेट लगाना भूल जाते हैं। चालान के खौफ में लोग 350 से 400 रुपये वाला हेलमेट खरीद लेते हैं। इसी तरह सब्जी मंडी से लेकर शुगर मिल चौराहे तक हेलमेट की दुकानों की संख्या बढ़ गई है। शुगर मिल चौराहे पर बाइक पार्ट के दुकानदार जन्मेजय सिंह का कहना है कि जबसे ट्रैफिक पुलिस की सख्ती बढ़ी है, हेलमेट की बिक्री में 10 गुने से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। पहले महीने में आठ से 10 हेलमेट बिकते थे, अब 100 से अधिक हेलमेट की बिक्री हो जाती है।
दुकानें ही नहीं, बढ़ गए मरम्मत करने वाले भी
चालान के खौफ में शहर के एंट्री प्वाइंट के साथ अंदर भी हेलमेट का कारोबार बढ़ गया है। मडया, शुगर मिल चौराहा, बरदहिया बाजार में बड़े पैमाने पर हेलमेट की बिक्री हो रही है। दुकानदार नरेश जायसवाल ने बताया कि हेलमेट की दुकानें ही नहीं बिक्री भी बढ़ी है। पहले की तुलना में बिक्री में 500 फीसदी से अधिक का इजाफा है। गोला चौराहे पर हेलमेट मरम्मत करने वाले सोनू ने बताया कि पहले दिन भर में 4 से 5 हेलमेट मरम्मत को आते थे, अब रोज करीब 100 हेलमेट की मरम्मत होती है।