- जिला अस्पताल परिसर, बड़गो, अंसार टोला, बरई टोला में भरा पानी,
- नगर पालिका के जलनिकासी के दावे की खुली पोल
- 10 दिन बाद हुई बारिश से फसलाें को मिली संजीवनी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बुधवार की भोर से झमाझम बारिश होने से गर्मी से राहत मिली है लेकिन दूसरी तरफ शहर में जगह-जगह जलभराव होने से लोग परेशानी झेलने को मजबूर हो गए। वहीं दूसरी तरफ किसानों के चेहरे खिल गए हैं। फसल को संजीवनी मिल गई है।
दस दिन से मौसम तल्ख बना हुआ था लेकिन बुधवार की भोर में अचानक मौसम का मिजाज बदला और झमाझम बारिश हुई। सुबह 11 बजे तक बारिश का सिलसिला चलता रहा। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। दूसरी तरफ नगर पालिका प्रशासन के जल निकासी के दावे की पोल खुल गई है। स्थिति यह रही कि शहर के जिला अस्पताल परिसर, बड़गो, अंसार टोला, बरई टोला, डाक बंगला, विधियानी सहित विभिन्न स्थानों पर जलभराव हो गया है।
पटरियों पर जलभराव होने के कारण दुकानदारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को बारिश के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। शहर निवासी दुर्गेश कुमार, उमेश चंद्र, संजय गुप्ता आदि ने कहा कि बारिश के चलते जलभराव और कीचड़ फैला है, अगर पालिका प्रशासन ने समय रहते जल निकासी की व्यवस्था की होती तो इस समस्या से राहत मिलती। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगत जायसवाल ने कहा कि जलनिकासी के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। जहां पर जलभराव हुआ है वहां कर्मियों को लगाकर जलनिकासी कराई गई है।
खेती के लिए संजीवनी बनी
बारिश न होने से फसल सूखने लगी थी। खेतों में दरारें पड़ गई थीं, लेकिन तेज बारिश से फसलों को संजीवनी मिल गई है। धान की फसल को बारिश का लाभ मिलेगा। किसान राधेश्याम, राम चंदर आदि ने कहा कि अच्छी बारिश होने से महंगाई में डीजल खरीद कर सिंचाई करने से कुछ दिनों के लिए राहत मिल गई है। वहीं जिला कृषि अधिकारी डाॅ. सर्वेश यादव ने कहा कि अच्छी बारिश होने से किसानों को फायदा हुआ है, जो किसान सब्जी की खेती करते हैं, वे खेत में पानी जमा न होने दें।