सीएचसी सेमरियावां में ओपीडी में मरीजों की जांच करते सीएचसी अधीक्षक व बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सु
सेमरियावां। भीषण गर्मी से हर तबका बेहाल है। खासकर बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। मौसम के असर से बच्चे डायरिया, बुखार, उल्टी-दस्त आदि से पीड़ित होकर अस्पतालों में आ रहे हैं। सीएचसी सेमरियावां में ऐसे रोगों से पीड़ित बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन 40 से 50 मरीज इसके आ रहे हैं। निजी चिकित्सकों के यहां भी यही हाल है। डॉक्टरों ने बच्चों को तीखी धूप और गर्मी से बचाकर रखने की सलाह दी है।
सीएचसी सेमरियावां अधीक्षक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेश चंद्र का कहना है कि बच्चों का शरीर काफी संवेदनशील होता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी सामान्य लोगों के मुकाबले कमजोर होती है। ऐसे में मौसम में बदलाव का असर सबसे पहले बच्चों के शरीर पर ही पड़ता है, जिससे वे मौसम जनित बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। खासकर तेज गर्मी में बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। गर्मी में बच्चों की स्थिति बेहाल हो जाती है। खासकर छोटे बच्चों की दिक्कत काफी बढ़ जाती है। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की जरूरत बढ़ जाती है।
इस मौसम में तापमान अधिक होने से शरीर में व्यतिक्रम उत्पन्न होता है। ऐसे में तमाम बीमारियां शरीर में घर कर लेती हैं। इस समय बच्चों में बुखार का सबसे अधिक प्रकोप है। उल्टी-दस्त, सर्दी, जुकाम समेत ब्रोंकाइटिस (सांस फूलना) से भी काफी संख्या में बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। इस समय सीएचसी सेमरियावां में प्रतिदिन गर्मी जनित बीमारियों से पीड़ित 40 से 50 बच्चे आ रहे। बच्चों की देखभाल बेहद जरूरी है।