शहर के एक होटल में टीवी के बारे में प्रशिक्षण देते डीटीओ डॉ एसडी ओझा।संवाद
संतकबीरनगर। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने कहा कि टीबी के प्रसार को रोकने में टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। क्षय रोग उन्मूलन के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। टीबी रोगियों के संपर्क में आने वाले तथा उनके परिजनों को टीबी से बचाने के लिए ही टीपीटी अभियान चलाया जा रहा है।
उक्त बातें जिला क्षय रोग विभाग तथा सीएचआरआई के सहयोग से शहर के एक होटल में बेलहर व सांथा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। डॉ. एसडी ओझा ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी टीपीटी की सूची देने के बाद इसका पर्यवेक्षण भी करें कि उन्हें टीपीटी दी गई है या नहीं। सीएचआरआई के डिस्ट्रक्टि लीड उत्कर्ष पाठक ने कहा कि सभी टीबी रोगियों के साथ उनके संपर्क में आए परिजन व अन्य लोगों की स्क्रीनिंग व दवा भी जरूरी है। इसलिए टीपीटी कार्यक्रम शुरू किया गया है।
इसमें टीबी रोगी के संपर्क में आने वालों को रोग की प्रतिरोधी दवा आयु के हिसाब से दी जाती है। दवा शुरू होने के बाद न तो रोगी के परिवार का कोई सदस्य संक्रमित होगा और न वे किसी अन्य संक्रमित कर सकेंगे। रोग का प्रसार थम जाएगा। जिला सामुदायिक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव सिंह ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों से इस कार्यक्रम में सहयोग करने का अनुरोध किया।
सीएचओ साधना बंधु ने कहा कि टीपीटी क्षय रोगियों के परिजनों के लिए बहुत आवश्यक है। हम अपने क्षेत्र के सभी क्षय रोगियों के परिजनों को टीपीटी अवश्य दिलवाएंगे। इस अवसर पर सर्वेश, नेहा, शशिकला, संजू रानी, शाहिदा खातून के साथ ही बेलहर व सांथा के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे।