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Sant Kabir Nagar News: डेंगू के इलाज का इंतजाम नहीं, बस नाम का बना वार्ड

Mon, 11 Sep 2023 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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जिलाअस्पताल के एमसीएच विंग अस्पताल में बन कर तैयार वार्ड।संवाद
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संतकबीरनगर। डेंगू को लेकर जिला संवेदनशील है। जिले में पिछले वर्ष डेंगू के 28 मरीज मिले थे, वैसे इस वर्ष अभी तक डेंगू के मरीज नहीं मिले हैं, लेकिन शासन के निर्देश के बाद तैयारियां शुरू हो गई हैं। डेंगू के इलाज के लिए एमसीएच विंग में वार्ड बनाया गया, लेकिन यहां इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। इधर बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन जलभराव व गंदगी से शहर से लेकर गांव तक लोग जूझ रहे हैं। इसको लेकर कोई गंभीर नहीं दिख रहा है।
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सितंबर-अक्तूबर का महीना डेंगू को लेकर काफी संवेदनशील होता है। इसके साथ ही चिकनगुनिया, मलेरिया, एईएस, जेई भी पांव पसारता है। हालांकि जिले में अभी तक डेंगू का कोई मरीज नहीं मिला है, लेकिन शासन ने सतर्कता बरतने और तैयारी के निर्देश दिए हैं। ऐसे में जिला अस्पताल के एमसीएच विंग में 10 बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है, लेकिन यहां न तो मच्छरदारी की व्यवस्था है और न ही अन्य कोई उपाय किया गया है। इससे यह वार्ड सिर्फ नाम का रह गया है। दूसरी तरफ जिला अस्पताल के गेट पर ही जलभराव व कीचड़ है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह गंदगी और कीचड़ है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। नगर पालिका की ओर से बीच-बीच में फाॅगिंग कराई जा रही है, लेकिन सिर्फ सड़कों पर ही फाॅगिंग हो रही।
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वायरल फीवर और डेंगू से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। जिला अस्पताल में डेंगू से संबंधित सभी जांच उपलब्ध है। जिला अस्पताल में अलग से 10 बेड का वार्ड बनाया गया है। इसके साथ ही डेंगू के सभी जांच की सुविधा उपलब्ध है। मरीज के ब्लड जांच, प्लेटलेट्स जांच आदि होती है और उसकी रिपोर्ट दो घंटे में मिल जाती है। इसके साथ ही डेंगू के सामान्य मरीजों के भर्ती करने की व्यवस्था भी है। अगर मरीज गंभीर होगा तो उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर और पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया जाता है।
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-डॉ. वीपी पांडेय- एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी
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कुछ सावधानियाें को ध्यान में रखकर डेंगू से बच सकते हैं। इनमें पानी की टंकी, बाल्टी को सप्ताह में एक दिन साफ कर सुखाएं। गमलों में रोजाना पानी दें, ताकि मच्छरों का लार्वा नष्ट हो जाएं। शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छरों के डंक से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के दरवाजे और खिड़कियों पर महीन जाली लगवाएं। रेफ्रिजरेटर की ट्रे में पानी एकत्र न होने दें। एसी- कूलर बंद रखें, उन्हें किसी कपड़े से भी ढकें। बुखार आए तो बिना चिकित्सक की सलाह के दवा न लें। मच्छरों से बचाव के साथ ही सावधानियां बरतें।
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-डॉ. मुबारक अली, जिला महामारी रोग विशेषज्ञ
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