अंजाव गांव निवासी मृतका अर्पिता के रोते बिलखते परिजन व उनके घर जुटी भीड़।संवाद
धनघटा/ पौली। क्षेत्र के मडपौना स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर रविवार को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रकरण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार के अधीक्षक ने टीम गठित कर जांच कराने की बात कही है।
अंजाव गांव निवासी अर्पिता (23) पत्नी अमित कुमार को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो परिवार के लोग नजदीकी स्वास्थ्य उप केंद्र मडपौना ले गए। जहां सुबह 6:00 बजे जांच के बाद एएनएम ने अर्पिता को भर्ती कर लिया। 10:30 बजे काफी परेशानी के बाद उसने बच्चे को जन्म दिया तो बच्चा मृत पाया गया। पत्नी के पहले बच्चे की मौत के सदमे से पति अमित कुमार और परिवार के लोग उबर भी नहीं पाए थे कि 11:44 बजे अर्पित की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों का कहना है कि अर्पिता की सांस थमने वाली थी, तब एएनम ने उसे 12: 15 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के लिए रेफर कर दिया। मलौली अस्पताल गेट के अंदर एंबुलेंस दाखिल हुई तो डॉक्टर दौड़कर पहुंचे और उसे एंबुलेंस में ही देखने के बाद मृत घोषित कर दिया।
अर्पिता की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते शव को लेकर घर लौटे, जहां रो- रोकर एएनएम को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। परिजनों ने घटना की सूचना न तो थाने पर दी और न स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों तक यह मामला पहुंचाया। परिजनों की समझ में कुछ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहे थे।
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मामला जब शुरू में ही गंभीर था, तो एएनम को मरीज को भर्ती करना ही नहीं चाहिए था। शुरुआती दौर में ही जांच के बाद पता चल जाता है कि पेट में बच्चे की स्थिति क्या है। किन परिस्थितियों में एएनम ने मरीज को भर्ती किया और उसे समय रहते रेफर नहीं किया, इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की जाएगी।
-डॉ प्रशांत, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार