राजदेव के चार पुत्रों में से तीसरे नंबर का पुत्र राम सिंह चार वर्ष से मुंबई में रहकर किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करके परिवार का भरण पोषण करता था।
उसके ट्रेन से कटकर मरने की सूचना जब परिजनों को मिली तो उनके पांव तले से जमीन खिसक गई। भाईयों एवं बहनों का तो रो -रो कर बुरा हाल है ही मां और बाप के बुढ़ापे की लाठी छिन जाने से वह रोते रोते अचेत हो जा रहे है। गांव वालो का कहना है कि राम सिंह की लाश कुर्ला रेलवे स्टेशन के समीप पाए जाने की सूचना मिली है।
उसके जेब में रहे कागजात से नाम और पता ज्ञात हो सका। जिसके माध्यम से जीआरपी मुंबई ने इसकी सूचना धनघटा थाने पर दी।