- पुलिस भर्ती परीक्षा के अभेद्य सुरक्षा की सेंधमारी का हुआ पूरा प्रयास
- भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो दिन चार पालियों की परीक्षा हुई समाप्त
- चार साॅल्वर समेत अलग-अलग मामले में 11 आरोपी के विरूद्ध केस दर्ज, तीन अन्य नामजद
- सगी बहनों समेत नौ आरोपी को जेल भेजने के साथ ही अन्य की तलाश में पुलिस टीम ने शुरू की छापा मारा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पुलिस भर्ती परीक्षा में दस लाख रुपये में पास कराने की गारंटी ली गई थी। एसओटी टीम के गिरफ्त में आए चंद्रौटी गांव निवासी अश्वनी यादव के मोबाइल फोन के चैट से ये खुलासा हुआ है।
जिले में पुलिस भर्ती परीक्षा के अभेद्य सुरक्षा की सेंधमारी का पूरा प्रयास हुआ। पुलिस व प्रशासनिक सक्रियता के चलते चार साॅल्वर समेत अलग-अलग मामले में 11 आरोपियों पर केस दर्ज हुआ। पुलिस जांच में तीन अन्य नाम भी प्रकाश में आए। पुलिस गिरफ्त में आए दो सगी बहनों समेत नौ आरोपी को जेल भेजने के साथ ही पुलिस टीम ने अन्य की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापा मारना शुरू कर दिया है।
पुलिस भर्ती मुख्यालय के निर्देश के बाद से ही जनपद स्तर पर पुलिस भर्ती की परीक्षा के लिए प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही तैयारी और मंथन किया था। जिससे परीक्षा की सुचिता पर कोई प्रश्नचिंह्न न लगने पाए। तय गाइडलाइन के अनुसार सारी तैयारियां पूरी की गई थी। केंद्रों पर सघन जांच, बायोमैट्रिक, जैमर, सीसीटीवी आदि अन्य सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। एसओजी सर्विलांस, साइबर समेत अन्य एजेंसी भी पहले से ही मामले में निगरानी बरत रही थी। तय समय पर परीक्षा शुरू भी हुई। पुलिस और प्रशासन के अभेद्य सुरक्षा प्रणाली में भर्ती कराने के ठेकेदारों ने सेंधमारी करने का पूरा प्रयास किया।
जिम्मेदारों की सक्रियता के वजह से उनकी एक भी नही चल पाई। नौकरी के ठेकेदारों समेत अन्य प्रांत से आए साॅल्वरों को पुलिस ने रंगे हाथों दबोचकर परीक्षा की सुचिता को बनाए रखने का प्रयास किया।
पेपर देने के बाद चार लाख व चयन होने के बाद छह लाख देना तय हुआ था
एसओटी टीम के गिरफ्त में आए चंद्रौटी गांव निवासी अश्वनी यादव के मोबाइल फोन से हुए चैट एवं अन्य माध्यमों से दस लाख रुपये में पुलिस भर्ती कराने की गारंटी ली गई थी। कई अभ्यर्थियों से मोबाइल पर चैट किया गया था। प्रतियोगी परिक्षाओं में भर्ती कराने की गारंटी ली जाती थी। अश्वनी का भाई अभिषेक उर्फ मंटू परीक्षार्थियों से रुपये की बातचीत कर उन्हें परीक्षा के पूर्व पेपर उपलब्ध कराता है। पुलिस भर्ती परीक्षा में पेपर देने के बाद चार लाख रुपये और अंतिम रूप से चयन होने के बाद छह लाख रुपये देने का बात तय हुई थी। कई अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र भी उसके मोबाइल में बरामद हुआ। इधर एसओजी टीम की रडार पर आरोपी चढ़ गए। पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद एसओजी टीम ने आरोपियों के ऊपर घेराबंदी करते हुए शिकंजा कसना शुरू किया। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश देने का काम कर रही है।