- धनघटा क्षेत्र के सेवईपार गांव में 27 मई से सुलग रही थी आग
-विवाद सुलझाने पहुंचे पुलिसकर्मियों से मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। मंगलवार को क्षेत्र के सेवईपार गांव में रास्ते के विवाद को सुलझाने गए पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया। शासन के मंशा के अनुरूप समस्या का निदान त्वरित कर दिया गया होता तो घटना टल गई होती। पिछले 21 दिनों से इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच सुलग रही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके बाद विवाद निस्तारण करने पहुंची टीम के साथ मारपीट की घटना हो गई।
सेवईपार गांव के प्रधान कृष्ण चंद्र यादव 27 मई को ही गांव के सार्वजनिक रास्ते पर गांव निवासी एक व्यक्ति के जरिए जबरन बांस-बल्ली लगाकर अवरुद्ध किए जाने की शिकायत बीडीओ और थाने पर दी थी। इसके अलावा समस्या के समाधान के लिए ग्राम प्रधान अन्य अधिकारियों से भी संपर्क करते रहे। लेकिन किसी भी तरह की कोई सुनवाई नहीं हुई और समस्या ज्यों की त्यों बनी रही, हालांकि पुलिस का कहना है कि शिकायत पत्र मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर रास्ते को खाली करवा दिया गया था।
गांव का माहौल दिन-प्रतिदिन गर्म होता चला गया। उसके बाद प्रधान पक्ष के लोग भी दूसरी साइड में बांस-बल्ली लगाकर उस शख्स का भी रास्ता रोक दिए। मामला जब चरम पर पहुंच गया तो एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार हरेराम यादव, हल्का लेखपाल और थाने से एक एसआई और दो सिपाही सेवईपार गांव पहुंचे और अतिक्रमण को हटवाना शुरू किया। इसी दौरान पहले गांव के लोगों में आपसी विवाद हुआ उसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। जिसमें एक हेड कांस्टेबल को चोट आई और उसकी वर्दी फट गई।
सूचना पर एसओ अनिल कुमार मौके पर पहुंचे और वहां से मामले को शांत करने के बाद साथी पुलिसकर्मियों को लेकर थाने आए। पुलिस इस मामले में एक नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। गांववालों का कहना है कि जिस समय रास्ते को अवरूद्ध किया गया था उसी समय समस्या का समाधान कर दिया गया होता तो इस तरह का मामला सामने नहीं आता।