- सेमरियावां के बिगरा अव्वल में विकास कार्यों की जांच में मिली थी अनियमितता
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बिगरा अव्वल में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी योगेन्द्र कुमार गौड़ को वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही ब्लाॅक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
डीपीआरओ व बीडीओ सेमरियावां ने चार अप्रैल 2024 को पूर्व प्रधान मोहनलाल आनंद की ओर से कराए गए विकास कार्यों के अवशेष भुगतान के लिए सत्यापन किया था। इसके अलावा निर्माणाधीन आरआरसी का भी निरीक्षण किया गया। जिसका मूल्यांकन जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अखिलेश सिंह व परामर्शी अभियंता अरूण कुमार गुप्ता से कराया गया। आरसीसी के निरीक्षण के साथ मूल्यांकन आख्या भी उपलब्ध कराई गई। जिसमें ग्राम पंचायत में एसएलडब्ल्यूएम ओडीएफ प्लस के अंतर्गत शासन स्तर से 6,28,968 लाख की धनराशि मिली थी, जबकि निरीक्षण के समय आरआरसी निर्माण व ई-रिक्शा के लिए नवंबर में 6,05,000 रुपये की धनराशि आहरित की जा चुकी थी।
जांच के दौरान आहरित धनराशि के सापेक्ष मात्र 1,36, 685 लाख का मौके पर कार्य पाया गया। 4,68,315 का कार्य न कराकर सरकारी धन के गबन की पुष्टि हुई थी। आरआरसी निर्माण आधा-अधूरा व ई रिक्शा नहीं खरीदा गया। जिसके लिए ग्राम प्रधान व सचिव प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया। सीडीओ व जिलाधिकारी के अनुमोदन पर डीपीआरओ ने वीडीओ योगेन्द्र कुमार गौड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और ब्लाॅक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि डीपीआरओ ने वीडीओ को निलंबित कर ब्लॉक मुख्यालय से संबंद्ध कर दिया है।