- एम्बुलेंस में दुष्कर्म की कोशिश और लूट प्रकरण की जांच तेज
- पुलिस की भूमिका की एसपी ने दी सीओ को जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। एंबुलेंस में सिद्धार्थनगर की महिला से दुष्कर्म की कोशिश, लूट और मारपीट के मामले में शासन से हुई सख्ती के बाद अब छावनी पुलिस की लापरवाही की जांच भी शुरू हो गई है। एसपी के निर्देश पर सीओ सिटी 29 अगस्त की रात छावनी क्षेत्र में एंबुलेंस पहुंचने और फिर निकल जाने, पीड़िता की सूचना और फिर थाने जाकर शिकायत पर छावनी पुलिस की सक्रियता की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देंगे। थाना प्रभारी की अब तक की भूमिका सवालों के घेरे में है।
29 अगस्त की शाम लखनऊ से बीमार पति को भाई के साथ एंबुलेंस से लेकर चली महिला से दुष्कर्म की कोशिश के बाद दरिंदों ने हाईवे पर छावनी क्षेत्र में आधी रात में सभी को उतार दिया था। आरोप है कि जिंदगी और मौत से जूझ रहे पति का ऑक्सीजन माॅस्क हटाकर एंबुलेंस से नीचे फेंक दिया था। कुछ देर बाद डायल-112 मौके पर पहुंची थी। पीड़िता ने आपबीती बताई लेकिन पुलिसकर्मियों ने सक्रियता नहीं दिखाई और सरकारी एंबुलेस सेवा 108 से पति को अस्पताल ले जाने की सलाह देकर लौट गए।
पीड़ित महिला का आरोप है कि एक सितबंर को छावनी थाने पर केस दर्ज कराने पहुंची तो उसे यह कहते हुए लौटा दिया गया कि लखनऊ से कार्रवाई होगी। थाने में तहरीर भी नहीं ली गई। वह लखनऊ के गाजीपुर थाने पहुंची तो वहां तहरीर लेकर उसे लौटा दिया गया। अमर उजाला में पीड़िता की तकलीफ प्रकाशित होने के बाद आनन-फानन में गाजीपुर थाने में केस दर्ज किया गया। बृहस्पतिवार को लखनऊ पुलिस ने एंबुलेंस के हेल्पर को गिरफ्तार किया है। वहीं, एसपी गोपालकृष्ण चौधरी के निर्देश पर सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण तिवारी ने छावनी पुलिस की लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
सीओ सिटी को प्रकरण की जांच सौंपी है। 29 अगस्त की रात छावनी क्षेत्र में एंबुलेंस पहुंचने के बाद से पुलिस को सूचना देने, यूपी-112 के पहुंचने, उसके थाने जाकर शिकायत करने आदि की जांच की जाएगी। तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
- गोपालकृष्ण चौधरी, एसपी
बयान के लिए लखनऊ जा रही पीड़िता बस्ती से लौटी
सकारपार (सिद्धार्थनगर)। शासन से सख्ती के चलते एंबुलेंस प्रकरण में अब तेजी आई है। लखनऊ पुलिस भी बयान दर्ज करवाने को महिला को लखनऊ बुला रही है। शुक्रवार को बयान देने लखनऊ जा रही पीड़िता बस्ती से ही घर लौट गई। एक समाजसेवी के साथ पीड़िता लखनऊ के लिए निकली थी लेकिन समाजसेवी के किसी जरूरी काम की वजह से उसे भी लौटना पड़ा। शनिवार को पीड़िता भाई के साथ लखनऊ जाएगी। बयान दर्ज करने के लिए लखनऊ के गाजीपुर थाने की पुलिस ने पीड़िता को बुलाया है। पति की मौत और दरिंदों की हरकत से सदमे में आई पीड़िता की तबीयत भी बिगड़ी हुई है लेकिन इंसाफ के लिए वह लगातार संघर्ष कर रही है। पीड़िता ने बताया कि वह शनिवार को बयान दर्ज कराने लखनऊ जाएगी ताकि दरिंदों को सजा मिले। (संवाद)
विधानसभा में उठाएंगे न्याय के लिए आवाज
विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय शुक्रवार को पीड़िता से मिलने उसके घर पहुंचे। उन्होंने वारदात के बारे में जानकारी ली और हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि, दोषी किसी भी हालत में बचने नहीं पाएंगे। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विधानसभा में भी आवाज उठाएंगे और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे। साथ ही पीड़िता की तकलीफ सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी बताएंगे। उन्होंने बस्ती की छावनी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस ने सक्रियता दिखाई होती तो आरोपी वारदात की रात ही पकड़े गए होते। उनके साथ सपा के वरिष्ठ नेता कमाल अहमद खान, जमाल सिद्दीकी, अनीता द्विवेदी, मो. इंद्रिश पटवारी आदि मौजूद रहे।
कांग्रेस ने आर्थिक सहायता की मांग उठाई
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष काजी सुहेल की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा और पीड़िता को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की। पूर्व विधानसभा प्रभारी किरन शुक्ला ने पीड़िता से मुलाकात कर ढांढ़स बंधाया। इस दौरान कांग्रेस के महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष ज्योति राय, जिला उपाध्यक्ष कृष्ण बहादुर सिंह, जिला महासचिव राजन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।