संतकबीरनगर। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे दिसंबर में चालू हो जाएगा। इससे अंबेडकरनगर, आजमगढ़, लखनऊ, बिहार आदि जगहों का सफर करने में दूरी और समय दोनों की बचत होगी। इसके साथ ही रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे। इसका निर्माण अंतिम चरण में पहुंच गया है।
शासन से वर्ष-2020 में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे की स्वीकृति मिली थी। करीब 3,000 करोड़ की यह परियोजना है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे गोरखपुर के खजनी तहसील के जैतपुर से शुरू होकर आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में किलोमीटर संख्या-191 में मिलेगा। संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के गुनवतिया, भौवापार, सुअरहा और सरैया से होकर चार किलोमीटर दूरी तक गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस गुजरेगा। इन प्रभावित चारों गांवों के किसानों की 20.82 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इसके लिए जिला प्रशासन को 16 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें से 456 किसानों से 19 हेक्टेयर जमीन की 81 रजिस्ट्री अब तक हो चुकी है, और उन्हें मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि 0.91107 हेक्टेयर जमीन का अभी अधिग्रहण शेष है।
प्रशासन के पास 75 लाख रुपये बचे हैं। शेष 26 किसानों से जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। इन किसानों को करीब 69 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना शेष है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के मुताबिक गोरखपुर की सीमा में कम्हरिया घाट पर करीब 500 करोड़ रुपये का डेढ़ किलोमीटर लंबा पुल भी बन कर तैयार है। यह पुल करीब 22 खंभे का है। लिंक एक्सप्रेस-वे में करीब 100 अंडरपास, माइनर ब्रिज, नाला आदि बनाए जाने हैं।
दिसंबर 2023 में यह एक्सप्रेस-वे चालू हो जाएगा। इसके चालू होने से औद्योगिक विकास की गतिविधियां भी बढ़ेंगी। इसके साथ ही होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट आदि खुलेंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे बड़ा फायदा यह होगा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से बस्ती, फैजाबाद होकर लखनऊ जाने में जहां पांच घंटे का समय लगता है, वहीं गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस चालू होने से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के रास्ते लखनऊ का सफर सिर्फ तीन घंटे में लोग तय कर सकेंगे। इसके अलावा गोरखपुर होकर बिहार जाने वाले बड़े वाहन व माल वाहनों के लिए आसानी होगी। जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वर्ष-2020 में शुरू हुआ था। 91 किलोमीटर दूरी की यह परियोजना है। गोरखपुर, संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर से होकर आजमगढ़ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मिलेगा। अब तक 80 प्रतिशत काम पूर्ण हो चुका है। गोरखपुर और संतकबीरनगर में मिट्टी की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसमें प्रशासन से सहयोग मांगा गया है। दिसंबर-2023 में यह परियोजना चालू हो जाएगी। सीएम लिंक एक्सप्रेस-के किनारे जैतपुर, भगवानपुर के पास पेप्सिको कंपनी की स्थापना की नींव रख चुके हैं। इससे साफ है कि औद्योगिक विकास की गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
-शशांक पांडेय, प्रोजेक्ट मैनेजर, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे में शेष बची जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। धारा-11 के प्रकाशन के लिए भेजा जा चुका है। बचे किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। संतकबीरनगर जिले में चार किलोमीटर गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस गुजर रहा है। शासन की यह महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसके चालू होने से लोगों का सफर जहां आसान होगा, वहीं दूरी और समय तो बचेगी ही, साथ में जाम की समस्या नहीं होगी। इसके अलावा रोजगार के भी अवसर उपलब्ध होंगे।
- महेंद्र सिंह, तंवर, डीएम
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डेढ़ बीघा जमीन गोरखपुर एक्सप्रेस में गई है। 11 लाख रुपये मुआवजा मिल चुका है। एक बिसवा जमीन की कीमत अभी बाकी है। लेखपाल, तहसीलदार को प्रार्थनापत्र दे दिया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शेष मुआवजे की रकम जल्द ही मिल जाएगी।
-बलजीत, किसान, सरैया
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गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-में डेढ़ बीघा जमीन गई है। वह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री कर चुके हैं। अभी एक विसवा जमीन का मुआवजा मिलना बाकी है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे चालू होने से लोगों का लखनऊ आना-जाना सुविधाजनक होगा।
-जगदीश यादव, किसान, सरैया
हमारी पूरी जमीन संतकबीरनगर जिले में है, हम सात भाई हैं। कुल सात बिसवा जमीन का बैनामा हो गया। सात विसवा जमीन का मुआवजा मिल चुका है। कुछ जमीन और ली गई है, लेकिन उसका मुआवजा अभी मिलना शेष है।
-लालचंद, किसान, बघाड़्र
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे में गुवनिया गांव के किसानों की 32 बिसवा जमीन गई है। सभी भूमि मालिकों को मुआवजा मिल चुका है। इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी।
- वंशराज निषाद, किसान गुनवतिया