- राजकीय महिला महाविद्यालय में भवन बनाने की केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दी मंजूरी, जून माह से कार्य शुरू हो जाएगा
- डेढ़ करोड़ रुपये विज्ञान संकाय, तीन करोड़ पुराने भवन की मरम्मत के दिया
- अन्य जनपदों में पढाई के लिए नहीं जाना पड़ेगा
- मान्यता के लिए कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा आयोग को पत्र भेजा था
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के राजकीय महिला महाविद्यालय में प्रधानमंत्री उच्च शिक्षा अभियान के तहत साढ़े चार करोड़ की लागत से विज्ञान संकाय भवन बनाया जाएगा। वहीं कॉलेज भवन की दोबारा मरम्मत कराकर हाईटेक बनाएंगे। योजना पर केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई। कुछ कागजी कार्य पूर्ण होने के बाद जून माह से निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अभी स्नातक में कला संकाय वर्ग में पढ़ाई होती थी। विज्ञान विषय की यान्यता मिल जाने से छात्राओं को अन्य जनपदों में शिक्षण के लिए नहीं जाना पड़ेगा और कम फीस में विज्ञान की पढ़ाई कर सकेंगी।
जिले में छात्राओं को उच्च शिक्षा देने के लिए शहर के मैलानी में वर्ष 1999 में माधव प्रसाद राजकीय महिला महाविद्यालय की स्थापना की गई। इस महाविद्यालय में शुरुआती दौर में कला संकाय की मान्यता मिली। उसके बाद से छात्राओं का नामांकन शुरू हुआ। विज्ञान संकाय की मान्यता के लिए कॉलेज प्रशासन ने उच्च शिक्षा आयोग को पत्र भेजा था। जिसके बाद आयोग ने प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय को भेज दिया था। मंत्रालय ने इसकी कार्ययोजना बनाने को कहा था। जिसके बाद साढ़े चार करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर महाविद्यालय प्रशासन ने शिक्षा मंत्रालय को भेजा। कार्ययोजना को मंत्रालय ने स्वीकृत कर लिया। इसके एवज में डेढ़ करोड़ रुपये विज्ञान संकाय भवन के लिए और तीन करोड़ रुपये कॉलेज के पुराने भवन को फिर से हाईटेक बनाने के लिए स्वीकृति दी है।
विज्ञान विषय के विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
राजकीय महिला महाविद्यालय में विज्ञान विषय पढ़ने वाली छात्राओं को राहत मिलेगी। उन्हें कम फीस में बीएससी करने का मौका मिलेगा। इसके लिए लाइब्रेरी, प्रेक्टिकल कक्ष आदि का निर्माण होगा। कुल छह शिक्षकों की तैनाती होगी। जिले में बीएससी के लिए अभी तक सेल्फ फाइनेंस के जरिए ही प्राइवेट कॉलेजों में नामांकन होते हैं।
यह कार्य होंगे
साढ़े चार करोड़ की लागत से विज्ञान संकाय भवन, कामन रूम, बाउंड्रीवाल, स्टाफ रूम, प्रेक्टिकल के सामान, पुराने भवन की मरम्मत आदि के कार्य किए जाएंगे।
साढ़े चार करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। कुछ कागजी कार्रवाई रह गई है। उसे पूरा कर भेजा जा रहा है। कार्यदायी संस्था का चयन शासन स्तर होना है। उम्मीद है कि जून माह से कार्य शुरू हो जाएगा। जिसको लेकर तैयारी की जा रही है। इसके बनने से विज्ञान वर्ग की छात्राओं को लाभ मिलेगा।
- डॉ. धर्मेंद्र प्रताप शाही, प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय महिला महाविद्यालय खलीलाबाद