बघौली विकास खंड के बधवा में डॉ.एनएन श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कुल हिंद मुशायरा का आयोजन किया गया। आईना-ए-अदब सोसाइटी के तत्वाधान में आयोजित मुशायरा के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक शैलेष कुमार पाण्डेय ने कहा कि कवि सम्मेलन और मुशायरा के आयोजन से भाईचारा और एकता बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज भी देश के अंदर ऐसे भी कवि और शायर है जो देश की एकता बनाये रखने में अपने शेर के माध्यम योगदान दे रहे है। मुशायरा में शायर सारिक खलीलाबादी, महजर खलीलाबादी, अम्बर बस्तवी, पवन सबा, पंकज गुप्ता, डॉ. सूफी बस्तवी, राधेश्याम मिश्रा, शिवानंद पांडेय, एहसान मगहरी, रतन वर्मा रतन, हामिद खलीलाबादी सहित अन्य शायरों ने अपनी-अपनी रचनाएं प्रस्तुत किया। जिसमें बेशक कोई हिंदू ना मुसलमा हूं मैं लेकिन पहले इंसान हूं मैं..., खुद गर्ज में दुनिया है मतलबी-दोस्ती कब बने दुश्मनी इसका क्या ठिकाना..., जाने वो क्यों दूर राफता-राफता, मका पा लिया है-मका पा लिया है..., झील सी आंखें और चेहरा कमल सा लगता है.., चिराग हमने जलाये की रोशनी कम हो., फायदा क्या है जिंदा रहना जुबा सीकर., ये आरजू ऊंचा कमा हो जाए सहित अन्य शेर पढ़े गये। इस अवसर पर ग्राम प्रधान आटा कला एखलाक अहदम, डॉ.अशोक कुमार चौधरी, बिट्ठल दास, अजय कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार सहित भारी संख्या लोग मौजूद रहे। रहे। मुशायरा का संचालन हामिद खलीलाबाद ने किया।