- लखनऊ के ट्रामा सेंटर में चल रहा इलाज, बयान लेने गई पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा
- 25 जून को पौली में दरिंदगी की शिकार हुई थी युवती
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। 25 जून को पौली में दरिंदगी की शिकार हुई युवती अभी तक सदमे से बाहर नहीं निकल पाई है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में होश आने की सूचना पर उसका बयान दर्ज करने गए केस के विवेचक के सामने युवती ‘सोनू क्राइम...सोनू क्राइम’ कहते-कहते अचेत हो गई।
क्षेत्र के सुरैना गांव निवासी 18 वर्षीय युवती पौली में स्थित एस मार्ट में काम करती थी। वहां पर उसे गांव निवासी असलम खान उर्फ सोनू ने नौकरी दिलवाई थी। युवती के भाई का आरोप है एक वर्ष से मार्ट संचालक ने वेतन नहीं दिया था। 25 जून को वह रुपये मांगने के लिए मार्ट पर पहुंची थी। जहां पर संचालक ने उसकी पिटाई की और हत्या की नीयत से उसके मुंह में करंट का झटका दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गई। इलाज के लिए उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में पहले भर्ती किया गया। जब हालात में सुधार नहीं हुआ तो ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।
दो जुलाई को युवती के भाई मोहम्मद सोहेल ने गांव निवासी मोहम्मद असलम उर्फ सोनू समेत उसके अज्ञात साथियों की विरुद्ध गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी मोहम्मद असलम उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन उधर पीडिता की आवाज नहीं निकल पा रही थी। जिसके कारण पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी। 21 जुलाई को युवती और उसकी बहन के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें सोनू का नाम युवती की जुबान पर बार-बार आ रहा था।
युवती के होश में आने और बातचीत करने की जानकारी पुलिस को हुई तो केस के विवेचक रजनीश राय बयान दर्ज करने के लिए दोबारा उसके पास पहुंचे। लेकिन पीड़िता ‘सोनू क्राइम, सोनू क्राइम’ कहते-कहते अचेत हो गई। जिससे एक बार फिर पुलिस उसका बयान दर्ज नहीं कर सकी।
विवेचक रजनीश राय का कहना है कि युवती मानसिक रूप से स्वस्थ हो जाएगी। उसके बाद बयान दर्ज कर आगे की करवाई की जाएगी। घटना के एक माह बाद भी युवती की हालत में संतोषजनक सुधार न होने से परिवार के लोग चिंतित हैं। घटना का मुख्य आरोपी भले ही जेल में है लेकिन गांव के लोगों में उसके प्रति नफरत और गुस्सा है।