न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय कोर्ट किया दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय काशिफ शेख ने भाई को जान से मारने का भय दिखाकर रंगदारी वसूलने, दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी बनाए गए व्यक्ति को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुनील कुमार पांडेय और संजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि थाना धनघटा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निवासी पीड़िता ने तहरीर दी थी। कहा कि आठ माह पूर्व उसके नैहर थाना धनघटा क्षेत्र के ग्राम निवासी आरोपी व्यक्ति उसके घर आए। बहला-फुसला कर कहा कि हमारी बालू लदी ट्राॅली तुम्हारे भाई ने पकड़वा दिया है। गेहूं की फसल भी जला दी है। धमकी दी कि तुम्हारे भाई को जान से खत्म कर देंगे।
अपने भाई को बचाना चाहती हो तो हमें नकद 30,000 हजार रुपये दे दो। इसके बाद जेवर मांगा। वह डर गई और उन्हें अपना गहने, जिसमें झाला, झुमकी, टीका, नथिया, पाजेब दे दिया। इसके साथ आरोपी ने उससे दुष्कर्म भी किया और धमकी दी कि किसी से कहोगी तो जान से मार डालेंगे। डर की वजह से किसी से नहीं कहा।
उसके बाद आरोपी उसके घर आता था। धमकी देकर दुष्कर्म करता था। 11 सितंबर 2014 की रात को आरोपी घर में घुस आया और उससे पुनः दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगा। उसने शोर मचा दिया था। अगल-बगल से आए लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। तहरीर के आधार पर आरोपी के विरुद्ध केस दर्ज हुआ। कोर्ट में विवेचक ने आरोपपत्र प्रेषित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले को साबित करने के लिए पीड़िता, उसके भाई समेत पांच मौखिक गवाह प्रस्तुत किए। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता ने बयान दिया कि घटना के दिन आरोपी ने उससे दुष्कर्म नहीं किया, बल्कि दुष्कर्म करने का प्रयास किया तथा इस संबंध में अपने पति, भाई, ससुराल वालों को नहीं बताई। तथ्य एवं परिस्थितियों एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के विश्लेषण के आधार पर अभियोजन पक्ष आरोपी के ऊपर लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा।
कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए थाना धनघटा निवासी आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।