- वर्तमान में संचालित हैं 48 पशु आश्रय केंद्र
- आश्रय केंद्रों में क्षमता से अधिक पशु, हाथ खड़े कर रहे संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा हो गया है। छुट्टा पशु सड़क पर घूम रहे हैं। इसके कारण जहां आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं राहगीरों की जान खतरे में पड़ जा रही है। इसके बाद भी पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र पहुंचाने में जिम्मेदार कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। शहर में तो पशुओं को पकड़ने का अभियान ठप पड़ा हुआ है।
जिले में वर्तमान में 48 पशु आश्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनमें 1500 से अधिक पशु रखे गए हैं। बढ़या ठाठर सहित कई पशु आश्रय केंद्रों में क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं। अब संचालक पशु आश्रय केंद्र में पशुओं को रखने से हाथ खड़े कर रहे हैं। इसके कारण छुट्टा पशु सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। यह छुट्टा पशु राहगीरों के लिए मुसीबत बन गए हैं। सड़क पर अक्सर पशुओं के बैठने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शहर के मड़या में कान्हा आश्रय स्थल बनाया गया तो शहरवासियों को उम्मीद थी कि छुट्टा पशुओं को पकड़कर पशु आश्रय केंद्र व कान्हा आश्रय स्थल पहुंचाया जाएगा, लेकिन स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में छुट्टा पशु सड़क पर घूम रहे हैं। शहर के निवासी दिलीप कुमार, राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सड़कों पर छुट्टा पशुओं के विचरण से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। छुट्टा पशु सड़क पर ही झुंड में बैठ जा रहे हैं, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार छुट्टा पशु आपस में भिड़ जाते हैं, इससे वहां भगदड़ मच जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो पशु झुंड में खेतों में पहुंच जा रहे हैं और फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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पशुओं के हमले में कई लोग हो चुके हैं घायल
खलीलाबाद ब्लॉक क्षेत्र के चकदही में संचालित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय की पूर्व प्रधानाचार्य रतन बाला पांडेय सांड़ के हमले में घायल हो गई थीं। उन्हें कई महीने इलाज कराना पड़ा था। दुधारा थानाक्षेत्र के खटियावा में छुट्टा पशु के हमले में एक व्यक्ति घायल हो गया था, जिसका कई दिनों तक इलाज चला।
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शहर में अभियान चलाकर छुट्टा शुओं को पकड़ा गया था और उन्हें कान्हा आश्रय स्थल पर रखा गया है। जल्द ही दोबारा अभियान चलाकर ऐसे पशुओं को पकड़ा जाएगा। पशु मालिकों से आग्रह है कि वे अपने पशुओं को खुला छोड़ें। -विनय कुमार मिश्र, ईओ नगर पालिका खलीलाबाद
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पशु आश्रय केंद्रों में पशुओं को रखने की व्यवस्था की गई है। वहां चारा, पानी आदि की व्यवस्था है। कुछ दिनों में भगौसा में बन रहा पशु आश्रय केंद्र भी चालू हो जाएगा। इससे राहत मिलेगी। -देवेंद्र सिंह यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी