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Sant Kabir Nagar News: जालसाजों ने बगैर एनओसी बेच दी कार, दरोगा हुए ठगी के शिकार

Wed, 19 Jul 2023 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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-पांच आरोपियों पर केस दर्ज, कोतवाली में तैनात हैं एसएसआई हरिकेश भारती
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-एक सिंतबर 2021 को मोटर मैकेनिक से 3,78,000 रुपये में खरीदी थी कार
- एनओसी नहीं मिलने पर दरोगा ने लौटाई कार पर अब तक वापस नहीं मिली रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली में तैनात एक एसएसआई ने वर्ष 2021 में सेकेंड हैंड कार खरीदी। तब उन्हें बाद में एनओसी देने की बात कही गई। इसके बाद एसएसआई एनओसी के लिए चक्कर लगाते रहे और कार बेचने वाले मोटर मैकेनिक उन्हें टरकाता रहा। फिर बताया कि उसने कार किसी और से ली थी और वह एनओसी नहीं दे रहा। मामला न सुलझता देख एसएसआई ने मालिक को कार लौटा दी, लेकिन उन्हें कार के लिए दी गई रकम वापस नहीं मिली। थक हारकर एसएसआई ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। अब एसएसआई के साथ ठगी हो सकती है तो आप-हम अंदाजा लगा सकते हैं कि ठगों के हौसले कितने बुलंद हैं और आम जनता कितनी सुरक्षित है।
एसएसआई कोतवाली हरिकेश भारती का आरोप है कि एक सिंतबर 2021 को इरशाद अहमद निवासी रामूपुर थाना महुली से एक कार 3,78000 रुपये में खरीदी थी। इरशाद अहमद एक मोटर मैकेनिक है। जिसका गैरेज खलीलाबाद में ही था। कार खरीदते समय इरशाद ने बताया था कि गाड़ी महिंद्रा कंपनी से फाइनेंस है। 15-20 दिनों में एनओसी मिल जाएगी तब गाड़ी आपके नाम से ट्रांसफर हो जाएगी। जब 15- 20 दिन बीत गए तो वह एनओसी की मांग करने लगे।
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इरशाद ने बताया कि गाड़ी अजय वर्मा नाम के शख्स से ली थी। अभी उसने मुझे एनओसी नहीं दी है। यही वजह है कि वह एनओसी नहीं दे पा रहा है। जब अजय वर्मा से बात की तो पता चला कि उसने गाड़ी अष्टभुजा गिरी से खरीदी थी। अभी अष्टभुजा ने भी एनओसी अजय वर्मा को नहीं दी है। उसने एक सप्ताह रुकने की बात की।

एसएसआई हरिकेश ने दोबारा इरशाद और अजय वर्मा से एनओसी मांगी तो दोनों इधर-उधर की बातें करने लगे। दोनों का कहनाथ कि अष्टभुजा ने अभी एनओसी नहीं दी। एक माह का समय मांग रहा है। एक माह बीतने के बाद उनके जरिये एनओसी मांगी गई तो दोनों ने कहा कि एक बार अष्टभुजा गिरी से कह दीजिए। वही एनओसी नहीं दे रहा है। तब एसएसआई ने अष्टभुजा गिरी से मोबाइल बात की तो इधर-उधर की बातें करते हुए दो से तीन का समय मांगा। इसी तरह से समय व्यतीत हो गया। गाड़ी की एनओसी आज तक नहीं मिली।

गाड़ी का पंजीकृत स्वामी जमीरुल्लाह के जरिये गाड़ी ट्रांसफर नहीं होने पर अपनी गाड़ी वापस पाने के लिए इधर-उधर से उनके ऊपर दबाव बनाने लगा। जिसके कारण हरिकेश ने 10 जुलाई 2023 को गाड़ी के पंजीकृत स्वामी जमीरुल्लाह को गाड़ी वापस कर दी। इसके पूर्व अष्टभुजा गिरी व अजय वर्मा एवं इरशाद अहमद तीनों से उसने कहा था कि गाड़ी अपनी वापस ले जाओ और रुपये वापस कर दो। तीनों ने रुपये वापस करने की बात कही थी। लेकिन आज-कल की बातें करके टाल-मटोल करते रहे।
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गाड़ी का पूरा पेपर (रजिस्ट्रेशन) अजय वर्मा ने ही उन्हें दिया था। बाद में एसएसआई हरिकेश को जानकारी हुई कि इरशाद मिस्त्री, इम्तियाज पेंटर, अजय वर्मा, प्रदीप यादव मिस्त्री और अष्टभुजा गिरी द्वारा एक सोची-समझी साजिश एवं षड्यंत्र कर यह गाड़ी उन्हें बेची गई थी और इनका एक गिरोह है। जो साजिश कर एक दूसरे को गाड़ी बेचते हैं। इसी तरह से इन लोगों के जरिये उनके साथ भी षड्यंत्र एवं धोखा देकर रुपये हड़प लिये गये।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि इरशाद अहमद, अजय वर्मा, अष्टभुजा गिरी, प्रदीप यादव, इम्तियाज के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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