एसडीएम के खाते से जालसाज ने निकाल लिए साव लाख रुपये
फोन पर खाते का केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण कराने के बहाने हासिल कर ली जानकारी
मोबाइल फोन पर धन निकाले जाने का संदेश आया तो एसडीएम को हुई जानकारी
संतकबीरनगर। एसडीएम के बैंक खाते का केवाईसी कराने के बहाने खुद को बैंक कर्मी बताकर जालसाज ने मोबाइल फोन पर जानकारी जुटा ली। फिर खाते से 1,23986 रुपये निकाल लिए। मोबाइल फोन पर खाते से रकम निकलने का संदेश आया तो एसडीएम को मामले की जानकारी हुई। शुक्रवार देर शाम कोतवाली पुलिस ने जालसाज पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।
कलेक्ट्रेट में तैनात एसडीएम नवीन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 11 नवंबर को उनके मोबाइल फोन पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अंकित मिश्रा बताते हुए कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के उनके खाते की केवाईसी की प्रक्रिया होनी है। केवाईसी नहीं होने पर खाता बंद कर दिए जाने की बात कही।
फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई बीर विनय चौक बलरामपुर में कार्यरत कर्मचारी बताया। उसने पहले उनका पैन कार्ड और पासबुक के पहले पृष्ट की फोटो मांगी। उसी दिन बाद में की गई कॉल में उस व्यक्ति ने बातों-बातों में उनसे योना एप का यूजर आईडी व पासवर्ड ले लिया।
बात से उन्हें विश्वास हो गया है कि उक्त व्यक्ति उनका हितैषी है और उनके भले के लिए कह रहा है। बातचीत के बीच में एक अन्य कॉल आई, जिसमें उन्हें एसबीआई के किसी संस्थागत नंबर से बताया कि उनके संतकबीरनगर मगहर स्थित खाता संख्या में 1,23986 रुपये मांग का आहरण किया गया है।
उन्होंने बताया कि उनके जरिए ऐसा आहरण नहीं किया गया है। तब उक्त व्यक्ति ने बताया कि वे अपने एटीएम कार्ड का इंटरनेट बैंकिंग डिसेबल करवा दीजिए। उसके बाद वह कथित अंकित मिश्रा से वस्तु स्थिति के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह कॉल गलत है और उनके रुपये सुरक्षित हैं। उसके बाद मोबाइल फोन पर आए संदेश के माध्यम से खाते से 1,23986 रुपये के आहरण की जानकारी हुई। इस बारे में कथित अंकित मिश्रा ने बताया कि यह एक विज्ञापन एसएमएस है। उनका रकम सुरक्षित है।
एसडीएम ने बताया कि केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कराने का विश्वास देकर जालसाज ने उन्हें ठगी का शिकार बना लिया। कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि उक्त मोबाइल फोन नंबर के धारक कथित अंकित मिश्रा पर जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसमें सर्विलांस सेल की मदद ली जाएगी।