संतकबीरनगर। नगर पंचायत मगहर के विवाह घर की पत्रावली गायब करने के मामले में आरोपी बनाए गए पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्ता को पुलिस ने बुधवार को मगहर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।
कोतवाल सर्वेश राय ने बताया कि नगर पंचायत मगहर के लिपिक संजय कुमार दूबे ने 30 मई 2022 को तहरीर दिया। जिसमें आरोप मढ़ा कि नया सबेरा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014 -15 में नगर पंचायत मगहर में विवाह घर/बरात घर का निर्माण कराया गया था। उसकी पत्रावली नगर पंचायत कार्यालय से गायब है। सचिव लोक आयुक्त ने 31 अगस्त 2021 को डीएम से जांच करा कर आख्या उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की थी।
डीएम ने एडीएम से प्रकरण की जांच कराई और आठ नवंबर 2021 को डीएम की ओर से सचिव लोक आयुक्त को रिपोर्ट भेजी गई। एडीएम की आख्या के अनुसार, पत्रावली गायब होने के संबंध में नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्ता, तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी पारस नाथ, तत्कालीन लिपिक का कार्य देख रहे गोरख सिंह, टैक्स मोहर्रिर तथा आउड सोर्सिंग के कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष कुमार आरोपी पाए गए।
इस मामले में तत्कालीन चेयरमैन समेत चारों लोगों पर पत्रावली गायब होने के संबंध में गबन का केस दर्ज किया गया था। कोतवाल ने बताया कि आरोपी पूर्व लिपिक गोरख सिंह को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी मामले में आरोपी पूर्व चेयरमैन अश्वनी कुमार गुप्त को मगहर चौराहे से गिरफ्तार कर चालान कर कोर्ट में पेश किया गया। जेल दो अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना प्रचलित है।