संतकबीरनगर। खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर जब कोई ट्रेन प्लेटफाॅर्म पर लगती है तो यात्रियों में भागदौड़ शुरू हो जाती है। ट्रेन में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की होती है, जो यात्री किसी तरह से ट्रेन की कोच में प्रवेश करने में सफल हो जाते हैं, वह खुद को भाग्यशाली मान रहे हैं। शेष यात्रियों को शौचालय व गैलरी में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। कुल मिलाकर ट्रेन की कोच में सीट मिलना तो छोड़िए, उसमें चढ़ना जंग जीतने के बराबर है।
कुछ ऐसा ही नजारा बृहस्पतिवार की शाम पांच से सवा छह बजे के बीच आई ट्रेनों में देखने को मिला। प्लेटफाॅर्म नंबर एक पर वैशाली अप एक्सप्रेस आकर रुकी तो यात्रियों में आपाधापी मच गई। ट्रेन की कोच में प्रवेश करने के लिए यात्री भागदौड़ करते नजर आए। काफी जद्दोजहद के बाद यात्रियों को कोच में प्रवेश मिला। कुछ यात्रियों को ट्रेन के शौचालय में बैठने को मजबूर होना पड़ा तो कुुछ लोग पावदान पर लटके नजर आए। खासकर जनरल कोच में प्रवेश करने के लिए यात्री काफी मशक्कत करते नजर आए। ऐसी ही स्थिति गोरखपुर पुणे अप स्पेशल एक्सप्रेस व बरौनी ब्रांदा एक्सप्रेस की भी रही।
स्थिति यह है कि अक्तूबर तक सभी ट्रेनों में सीटें बुक हो चुकी है। तत्काल टिकट भी नहीं मिल पा रही है। कारण यह है कि साइट खुलने के बाद ही कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में यात्रियों को जनरल टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा करनी पड़ रही है।
गर्मी की छुट्टी से लौट रहे हैं परदेशी
गर्मी की छुट्टी मनाने घर आए परदेशी अब लौट रहे हैं। इससे ट्रेनों में भीड़ काफी बढ़ गई है। यही नहीं जो लोग शादी-ब्याह के लिए आए थे, वह भी लौट रहे हैं। ऐसे में मुंबई, अमृतसर, बैग्लौर, दिल्ली सहित लंबी दूरी की ट्रेनों में रिजर्व टिकट नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली जाने के लिए स्टेशन आए दिनेश कुमार, अजीत सिंह आदि ने बताया कि गर्मी की छुट्टी में आए थे, अब स्कूल-कॉलेज खुल रहे हैं, इसलिए वापसी जरूरी हो गई है। टिकट न मिलने के कारण परेेशानी झेलनी पड़ रही है।
ट्रेन के शौचालय में बैठकर यात्रा करने की मजबूरी
ट्रेन के कोच में सीट न मिलने से कई यात्री ट्रेन के शौचालय में बैठे नजर आए। इन यात्रियों का कहना हैँ कि जगह नही मिली। जाना भी जरूरी है, ऐसे में शौचालय में जगह मिली तो यहीं पर बैठ गए हैं। आगे यदि जगह मिली तो शिफ्ट हो जाएंगे। बस से सफर करना अधिक खर्चीला है, इसलिए ट्रेन से यात्रा करने की मजबूरी है।