मेंहदावल ब्लॉक परिसर में सरकारी पेड़ों के काटने का मामला
- जांच में एक पुराना व दो नए पेड़ कटा पाया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विकास खंड परिसर में तीन सागौन के पेड़ काटे जाने की पुष्टि वन विभाग की जांच में सामने आया है। लेकिन इस मामले की न तो बीडीओ जानते हैं न एडीओ पंचायत। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है की परिसर में लगाई गई सरकारी संपत्ति की सुरक्षा आखिर कैसे होगी।
विकास खंड परिसर में सरकारी आवास के पीछे सागौन और यूकेलिप्टस के पेड़ लगाए गए हैं। तीन सागौन के पेड़ परिसर से काटे गए और लकड़ी भी हटा दी गई। मामले का खुलासा तब हुआ जब किसी ने पेड़ काटे जाने की सूचना बेलहर कला के रेंजर रामसूरत यादव को दी।
रेंजर के निर्देश पर वनकर्मी शुक्रवार की शाम मौके पर जांच करने पहुंचे। जांच में वन कर्मियों ने तीन सागौन के पेड़ के काटे जाने की पुष्टि की। वन कर्मियों ने काटे गए पेड़ों की माप की। वन कर्मियों के मुताबिक तो एक पेड़ काफी पहले काटा गया है जबकि दो पेड़ हाल ही में काटे गए हैं।
वन कर्मियों ने खंड विकास अधिकारी से सवाल-जवाब भी किया लेकिन खंड विकास अधिकारी भी परिसर में काटे गए पेड़ के प्रति अनभिज्ञता जताई। फिलहाल वन कर्मी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रेंजर को सौंपेंगे। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमरेश सिंह चौहान का कहना है कि पेड़ काटे जाने की सूचना उन्हें नहीं है। परिसर से किसने पेड़ काटे और कैसे काटा गया इस मामले की जांच कराएंगे।
खंड विकास परिसर में सागौन के तीन पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई है। खंड विकास अधिकारी से इस बारे में पूछा गया तो अभिज्ञता जाहिर की। बीडीओ ने इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है, जबकि उनके स्तर से मामले की सूचना डीएफओ व डीएम को दी गई है। उच्च अधिकारियों का जैसा आदेश होगा उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- राम सूरत यादव, रेंजर