संतकबीरनगर। मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। सुबह और शाम के समय जहां धुंध छाई रह रही है। वहीं, दिन में तेज धूप निकल रही है। शनिवार को एक्यूआई 143 पहुंच गया। धुंध से गिर रहे कण लोगाें के लिए परेशानी का सबब बन गए है। इधर प्रशासन ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रबंध लगाया है ताकि बढ़ रहे प्रदूषण को रोका जा सके।
दिवाली के पटाखों से निकल धुआं से जहां 13 नवंबर को एक्यूआई 192 पहुंच गया था। वह धीरे-धीरे नीचे आया। शुक्रवार को एक्यूआई का स्तर 129 रहा, लेकिन शनिवार को यह फिर 141 हो गया। सुबह और शाम के समय कोहरा छा जा रहा है, लेकिन यह कोहरा नहीं बल्कि धुंध है। इस धुंध से काले-काले कण निकल रहे हैं। शनिवार को सुबह धुंध छाई रही, लेकिन आठ बजे के बाद तेज धूप निकली और शाम चार बजे तक इसका असर रहा। उसके बाद अचानक धुंध छाने लगी। हालांकि मौसम में इस समय नरमी है। शाम के समय धुंध के चलते शहर का कुछ हिस्सा ही नजर नहीं आ रहा था। विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल और धुआं के कारण धुंध छा रही है। ठंड के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। इस वजह से हवा का प्रवाह धीमा हो जाता है। जो वायु मंडल के ऊपरी सतह में नहीं जा पाता है और प्रदूषण का कारण बनता है। मौसम में बदलाव से लोग बीमार भी हो रहे हैं। अस्पताल में सर्दी, खांसी, सास लेने में दिक्कत और आंखों में लाली के मरीज पहुंच रहे हैं।
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शहर में पेड़-पौधे लगाने और हरे भरे स्थानों को पोषण करने से वायु प्रदूषण से निपटने में मदद मिल सकती है। पेड़ प्राकृतिक फिल्टर के रूप में कार्य करते हैं। कार्बन डाईआक्साइड को अवशोषित करते हैं और आक्सीजन छोड़ते हैं। वे न केवल हवा की गुणवत्ता में सुधार करते हैं बल्कि वे हमारे परिवेश में सुंदरता भी जोड़ते हैं। इस समय एक्यूआई स्तर कुछ बढ़ा है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। लोग अगर मास्क का प्रयोग करे तो इस वायु प्रदूषण की हानियों से बचा जा सकता है। -डॉ. प्रदीप कुूमार, एसोसिएट्स प्रोफेसर एचआरपीजी कॉलेज