- मेंहदावल में 22 जनवरी को हुआ था बवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। नगर पंचायत में अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के दिन एक पक्ष के धार्मिक स्थल पर चढ़कर नारेबाजी करने के मामले में मेंहदावल पुलिस ने नाबालिगों को चिह्नित किया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर नाबालिगों की जगह उनके परिजनों के ऊपर शांति भंग की कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया। वहीं एसडीएम ने शांति भंग में पाबंद पांच लोगों को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जिसको लेकर भाजपा विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल समेत अन्य संगठनों ने नाराजगी जताई थी। देर शाम एसडीएम अरुण कुमार पांच लोगों के रिहाई का आदेश जारी किया। देर रातजिला जेल से रिहा हुए और परिजन उन्हें लेकर घर आए।
पांच लोगों को शांति भंग में पाबंद के बाद एसडीएम अरुण कुमार द्वारा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का मामला बुधवार को तूल पकड़ लिया था। भाजपा विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल विद्यार्थी परिषद समेत कई अनुसांगिक संगठन के लोगों ने डीएम समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर नाराजगी जताई और एसडीएम की कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई। जिसके के बाद प्रशासनिक अमला बैक फुट पर आया और देर शाम एसडीएम अरुण कुमार ने शांति भंग की कार्रवाई के तहत भेजे गए पांचों लोगों के रिहाई का आदेश जारी किया।
भाजपा के जिला मंत्री अरुण सिंह ने पुलिस के इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि नाबालिग बच्चों द्वारा संप्रदाय विशेष के स्थल पर नारेबाजी करना गलत था। मामला शांतिपूर्ण ढंग से निपट भी गया था। फिलहाल जिम्मेदार अधिकारियों से वार्ता के बाद पांच लोग देर शाम रिहा होकर अपने घर आ गए।