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सफाईकर्मियों के वेतन पर पांच करोड़ खर्च, फिर भी गांवों में गंदगी

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पौली ब्लॉक के कोहलवा गांव में सड़क पर पसरी गंदगी।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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वेतन पर पांच करोड़ खर्च, फिर भी गांवों में गंदगी
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1710 सफाई कर्मियों की तैनाती, 50 से अधिक विभागों में किए गए हैं संबद्ध
जिले में 754 ग्राम पंचायतें और 1637 राजस्व गांव
संतकबीरनगर। गांवों को साफ-सुधरा रखने की मंशा पर पानी फिर रहा है। क्योंकि गांवों में तैनात सफाई कर्मी नियमित सफाई कार्य नहीं करते। विभाग को रोस्टर के जरिए गांवों में सफाई कार्य करानी पड़ती है। जबकि प्रत्येक माह उनके वेतन पर पांच करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
जिले में 754 ग्राम पंचायतें और 1637 राजस्व गांव हैं। शासन ने गांवों को साफ-सुधरा रखने के लिए जिले में 1710 सफाईकर्मियों की नियुक्ति की है। इसमें से 50 से अधिक सफाई कर्मियो को विकास भवन, कलेक्ट्रेट समेत विभिन्न सरकारी कार्यालयों में संबद्ध कर दिया गया है। आए दिन ब्लॉक से लेकर डीपीआरओ कार्यालय तक सफाई कार्य नहीं करने की शिकायतें पहुंचती रहती हैं। दूसरी तरफ विभाग को रोस्टर के जरिए गांवों की सफाई कराने की जहमत उठानी पड़ रही है।
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पौली ब्लॉक क्षेत्र के कोहलवा में सफाई व्यवस्था दयनीय है। यहां नालियां बजबजा रही हैं। दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल है। यहां के प्रधान चंद्रशेखर बताते हैं कि उसके गांव में तैनात सफाई कर्मी कभी नहीं आते हैं। इसकी शिकायत एडीओ पंचायत के माध्यम से डीपीआरओ से की गई है।
ऐसा ही हाल ग्राम पंचायत मड़पौना का है। यहां के प्रधान के प्रतिनिधि कुलदीप ने बताया कि उनके गांव में कभी-कभी रोस्टर के जरिए सफाईकर्मियों को लगाकर सफाई कराई जाती है। यहां सफाई कर्मी की तैनात नहीं है। जबकि इस ग्राम पंचायत में चार पुरवे हैं। ग्रामीण रंजीत, पलटन चंद्र देव, छट्ठू, भारत राम, अशीष, शैलेंद्र, जितेंद्र, नागेंद्र, मोहम्मद, वकील, मोहम्मद अजीज, मोहम्मद आजम अली रजा ने गांव में सफाई कराने की मांग की है।
पौली के प्रधान अताउलहक ने बताया कि बड़ी ग्राम पंचायत होने की वजह से दो सफाई कर्मी गांव में तैनात हैं। उसके बाद भी नालियों की सफाई समय-समय पर नहीं हो पाती है। एडीओ पंचायत रोस्टर के माध्यम से गांव की सफाई कराते हैं। एडीओ पंचायत राधेश्याम चौधरी ने बताया कि सफाई कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि गांवों की सफाई नियमित करें। जिन ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी नहीं तैनात हैं, वहां रोस्टर के जरिए सफाई कार्य कराए जाते हैं।
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कोट
जिले के प्रत्येक गांवों में सफाई कर्मी की तैनाती है। सफाईकर्मियों को निर्देश है कि वे तैनाती वाले गांवों में नियमित सफाई करें। एडीओ पंचायत को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। खुद भी गांवों का भ्रमण कर सफाई का जायजा लेते रहते हैं। यदि कहीं सफाई नहीं कराने की शिकायत मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाती है। शासन के निर्देश पर 15 से 22 अक्तूबर तक रोस्टर के माध्यम से सफाई कार्य कराया जा रहा है।
-राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ
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