किसान दिवस पर कृषि विज्ञान केंद्र बगही में हुई गोष्ठी
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र बगही में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। उसके बाद किसानों को सम्मानित किया गया।
केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि भारत के पांचवें प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म दिवस देश में प्रतिवर्ष 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन और स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए चौधरी चरण सिंह ने कई नीतियों की शुरुआत की थी। भारत सरकार ने वर्ष 2001 में चौधरी चरण सिंह के सम्मान में हर साल 23 दिसंबर को किसान दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया। स्वच्छ माटी, स्वस्थ माटी, स्वच्छ उत्पादन एवं स्वस्थ इंसान सिद्धांत के आधार पर काम करने की जरूरत है।
डॉ. देवेश कुमार ने कहा कि अब किसानों द्वारा मिट्टी की जांच करानी जरूरी है। ताकि उसे उर्वरक के सही उपयोग का पता चल सके। साथ ही मृदा में सिंचाई की मात्रा भी जानने में सटीकता हो। इसके लिए कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक काफी समय से कार्य कर रहे हैं।
डॉ. संदीप सिंह कश्यप ने कहा कि पशुपालन की चुनौतियां व वैज्ञानिक विधियों द्वारा उन्नत पशुपालन करना शोध परियोजना के आलोक में टिकाऊ डेयरी एवं कृषि व्यवसाय के लिए उपयुक्त तकनीकों के प्रयोग द्वारा कृषक आजीविका में सुधार कर सकता है।
डॉ. तरुन कुमार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने आने वाले समय में प्राकृतिक खेती को आगे बढ़ाने की अपील की। डॉ. रत्नाकर पांडेय और डॉ. राघवेंद्र विक्रम सिंह ने गेहूं एवं अन्य सब्जियों के विभिन्न कीट एवं रोगों के प्रबंधन, एकीकृत कृषि प्रणाली एवं पराली प्रबंधन के लिए पूसा संस्थान द्वारा विकसित ‘पूसा डीकंपोजर’ के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस दौरान अरविंद यादव, लालजी यादव, राम रतन भास्कर, राम रूप, गोविंद प्रताप, बलजोर यादव आदि किसानों को अंगवस्त्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।