- नंदौर कस्बे में दंपती की मौत के बाद बच्चों की परवरिश पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। नंदौर कस्बे में आपसी कलह में पति-पत्नी ने छत की कुंडी से लटक कर जान दे दी। दंपती के आत्मघाती कदम से दो मासूम बेसहारा हो गए। आसपास के लोगों घटना से सहम गए। लोगों के बीच यही चर्चा होती रही कि कम से कम बच्चों का ख्याल तो किया होता।
नंदौर कस्बे में भग्गन का मकान है। उनके चार बेटे हैं। चारों बेटे मजदूरी कर परिवार का जीवन यापन करते हैं। तीसरे नंबर के पुत्र नरसिंह की शादी 11 साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी लक्ष्मी से रोज किसी न किसी बात से लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। गांव के लोगों के मुताबिक तो नरसिंह जब भी घर रहता था तो उसकी पत्नी से झगड़ा होता था। कई बार तो आसपास के लोगों ने झगड़े से बचाया। इस कदम से दोनों बच्चे बेसहारा हो गए।
नरसिंह व लक्ष्मी के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा जैकी (9 वर्ष) और छोटा बेटा लकी (7 वर्ष) है। गांव के लोगों की माने तो 25 मार्च को इस परिवार के लिए अपशकुन की तारीख थी। भग्गन के बहू व बेटे के बीच दिन भर हुए विवाद की वजह से दोनों ने फंदे से लटक कर जान दे दी। बेटे व बहू की मौत की वजह से वह काफी सदमे में हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भग्गन का कहना है कि उसके दोनों पोते बेसहारा हो गए। मां-बाप का साया छिन गया है। लेकिन वह दोनों बच्चों की परवरिश खुद करेंगे। इतना कहकर भग्गन रोने लगे। आसपास के लोग भग्गन को सांत्वना दे रहे थे।