- सोशल मीडिया पर तीन दिन से वायरल हो रहा पत्र
- पुलिस विभाग में चरित्र प्रमाणपत्र बनाने की सेवा ऑनलाइन
- कार्रवाई से कतरा रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मसिंहवा। थाने के नाम का मुहर लगा फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र सोशल मीडिया पर तीन दिन से वायरल हो रहा है। हस्तलिखित पत्र क्षेत्र के जमया गांव निवासी एक व्यक्ति के नाम से जारी हुआ है। इस फर्जीवाड़े के विरुद्ध अब तक धर्मसिंहवा पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
वर्तमान में पुलिस विभाग चरित्र प्रमाणपत्र बनाने की सेवा ऑनलाइन देती है। जिसके लिए आवेदक को यूपी काॅप एप पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है और विभाग के जरिए लगाया गए 50 रुपये के सर्विस चार्ज का भुगतान करना होता है। इस प्रक्रिया के बाद लगभग एक सप्ताह या 15 दिन में चरित्र प्रमाणपत्र फोटो युक्त डिजिटल हस्ताक्षरित प्राप्त होता है।
इसके विपरीत बुधवार को सोशल मीडिया पर धर्मसिंहवा थाने के नाम का मुहर लगा हुआ चरित्र प्रमाणपत्र वायरल हो रहा था। जिसमें क्षेत्र के जमया निवासी एक व्यक्ति का आचरण अच्छा लिखा है। लोग बता रहे हैं कि यह फर्जी प्रमाण पत्र किसने बनाया और कहां प्रयोग किया गया, पता लगाना पुलिस का काम है। फर्जीवाड़ा किसने किया, पुलिस को केस दर्ज कर इसका खुलासा करना चाहिए।
एसओ इंद्र भूषण सिंह ने बताया कि चरित्र प्रमाणपत्र फर्जी बना है, किसने बनाया और कहां इस्तेमाल किया यह जांच का विषय है। प्रकरण की जांच की जा रही है।
आखिर कहां बना थाने जैसा मुहर
पुलिस के लिए सबसे चुनौती इस बात कि है कि चरित्र प्रमाणपत्र पर लगा मुहर एकदम थाने जैसा ही है। कोई भी व्यक्ति मुहर को देखकर प्रमाणपत्र पर विश्वास कर सकता है, हालांकि इस पत्र का प्रयोग इस प्रदेश में नहीं किया जा सकता। अगर इसका प्रयोग भी हुआ होगा तो दूसरे प्रदेश में हो सकता है। अब सवाल ये उठता है कि थाने के किसी कर्मी ने चोरी छिपे यह काम करके जरूरतमंद व्यक्ति को दे दिया या फिर बाहर से थाने जैसा मुहर बनवा लिया गया। पुलिस इसकी जांच कर रही है