संतकबीरनगर। विकास खंड सेमरियावा की ग्राम पंचायत ढोढई में मनरेगा गाइड लाइन की अनदेखी करते हुए जेसीबी से पोखरे की खुदाई करा दी गई। शिकायत पर हुई जांच में मामला सही पाया गया। उपायुक्त मनरेगा ने जेसीबी से कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित करने के निर्देश दिए। बीडीओ ने इस कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया। वहीं इसके लिए प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी करने की तैयारी है।
उपायुक्त मनरेगा प्रभात द्विवेदी को शनिवार की शाम को फोन से सूचना मिली कि ग्राम पंचायत ढोड़ई में मनरेगा कार्य जेसीबी से कराया जा रहा है और इसके लिए फर्जी तरीके से भुगतान कराए जाने की तैयारी है। इससे मनरेगा में मजदूरों का हक छीना जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त मनरेगा ने संयुक्त बीडीओ ओम प्रकाश सिंह से प्रकरण की जांच कराई। जांच में मौके पर जेसीबी नही मिली। हालांकि, तालाब की खुदाई जेसीबी से कराने की पुष्टि हुई।
उपायुक्त मनरेगा प्रभात द्विवेदी ने बताया कि जांच में इस्तियाक के घर के पास पोखरे की खुदाई जेसीबी से कराई गई है। इस कार्य को श्रमदान घोषित करा दिया गया। बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि तीन वर्ष तक उस परियोजना पर कोई कार्य नहीं होगा। इसके साथ ही प्रकरण में आरोपी मानते हुए प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा।