संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन दो दिनों से अवकाश है। इसके कारण नाक, कान व गला की पीड़ा लेकर अस्पताल पहुंचे मरीज को लौटना पड़ रहा है। पिछले दो दिनों से यही स्थिति है। कुछ मरीजों को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बता दिया गया। जबकि कुछ का रजिस्ट्रेशन कर मेडिसिन के परामर्श चिकित्सक के पास भेज दिया गया। यहां ईएनटी के मरीजों को कुछ दवा लिख चिकित्सक अगले दिन ईएनटी के चिकित्सक को दिखाने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल में ईएनटी के मात्र एक चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार सिंह तैनात है। इसके अलावा जनपद के किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ईएनटी के चिकित्सक नहीं हैं। जिला अस्पताल में मरीजों की औसत ओपीडी 1200 में लगभग है। इसमें 150 से 200 मरीज रोज ईएनटी के जिला अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ईएनटी चिकित्सक न होने के कारण दूरदराज से मरीज जिला अस्पताल आते हैं। लेकिन दो दिनों से उन्हें निराशा हाथ लग रही है।
कान में दर्द की पीड़ा लेकर विकास खंड सांथा की रागिनी अग्रहरि का काउंटर पर रजिस्ट्रेशन कर मेडिसिन के परामर्श चिकित्सक के पास भेज दिया गया। जहां चिकित्सक ने रागिनी को कुछ दवा लिखकर ईएनटी चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी।
जिला अस्पताल में ईएनटी के केवल एक चिकित्सक हैं। उन्होंने 10 जून का अवकाश लिया था। लेकिन आवश्यक होने पर उन्होंने मंगलवार को भी अवकाश ले लिया। ईएनटी के मरीजों को मेडिसिन के चिकित्सक देखकर परामर्श दे रहे हैं।
- डॉ. भवनाथ पांडेय
सीएमएस