- मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश
- बोले लोग - पुरानी पेंशन बहाली और महंगाई पर लगाम की नहीं दिखी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मंगलवार को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया। इसमें महंगाई पर लगाम न लगने से जहां महिलाएं नाखुश हैं वहीं आयकर छूट की सीमा 5 लाख तक नहीं बढ़ने और पुरानी पेंशन बहाली न होने से कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है। बजट पर शिक्षकों और गृहणियों ने अपनी राय रखी।
कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार का बजट निराशजनक है। कम से कम पांच लाख रुपये तक की आय को टैक्स मुक्त रखना चाहिए था। एपपीएस कर्मचारी अंशदान की कटौती भी 10 से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दी गई है, जो ठीक नहीं है। हालांकि नए टैक्स रिजीम में मानक कटौती 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार किया गया है।
- संजय द्विवेदी, शिक्षक
केंद्रीय आम बजट में नए टैक्स स्लैब जारी किए गए हैं। इसमें तीन लाख तक की आय में टैक्स देने से छूट मिली, लेकिन इसे कम से कम पांच लाख तक होना चाहिए था। बजट में पुरानी पेंशन को लेकर कुछ भी नहीं किया गया है, इससे निराशा हुई है।
- अभिषेक सिंह, शिक्षक
सोना-चांदी पर छह फीसदी कस्टम ड्यूटी घटी है। इससे सोना-चांदी सस्ता होने की उम्मीद है। यह महिलाओं के अच्छी बात है। महंगाई को लेकर बजट में कोई सार्थक पहल नहीं हुई है। इससे निराशा का भाव है।
- सरोज, गृहणी
केंद्रीय बजट में महंगाई को कम करने के लिए कुछ भी नहीं किया गया। बजट में डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए था, ताकि डीजल और पेट्रोल के दाम में कमी आती। रसोई गैस की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं।
- नेहा चौधरी, गृहणी