संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त करने की मांग की। बिजली कर्मियों ने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के नाम पर घोटाला किया जा रहा है। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पीछे सबसे बड़ा तर्क घाटे का दिया जा रहा है। पावर काॅर्पोरेशन प्रबंधन घाटे के झूठे और मनगढ़ंत आंकड़े दे रहा है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी योगेंद्र चौहान ने कहा कि निजीकरण की प्रक्रिया निजी घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दिलीप मौर्य ने कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं और कर्मियों के हित में नहीं है। संवाद