संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। तहसील क्षेत्र के करीब 400 गांवों में 72 घंटे से बिजली गुल है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। कुछ गांवों में तो 90 घंटे से ऊपर से बिजली नही है। धर्मसिंहवा क्षेत्र में 80 गांवों की बिजली 36 घंटे से गुल है। खेसरहा फीडर के 40 गांवों की बिजली गुल है। मेंहदावल के कछार क्षेत्र में 54 गांवों की बिजली गुल है। इससे नाराज ग्रामीणों ने भरथुआ गांव में बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली निगम के कर्मी हड़ताल पर हैं। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप करना ठीक नहीं है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल बिजली आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है। सांथा ब्लॉक मुख्यालय पर बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण मनरेगा सेल ठप हो गया। बेलहर ब्लॉक में भी विकास के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। बेलहर, दुधारा, नंदौर आदि स्थानों पर करीब 200 गांवों में बिजली नहीं है।
बखिरा क्षेत्र में दो दिनों से आपूर्ति बाधित है। अमूमन सभी लोगों का मोबाइल फोन बंद हो गया है। पानी की टंकी खाली है। इन्वर्टर बंद हैं। कस्बे के कुछ लोग निजी जनरेटर चलाकर मोबाइल फोन चार्ज करके 20 रुपये ले रहे हैं। कुछ लोग 50 रुपये देकर जनरेटर से टंकी भरवा रहे हैं, ताकि किचन में पानी की किल्लत दूर हो सके।
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दुकानदार व बुनकर परेशान
बिजली आपूर्ति ठप होने से दुकानदार व बुनकर काफी परेशान है। दुकानदार शशि कसेरा, बलराम प्रसाद, झिनकाई, जुगानी ने बताया कि दो दिनों से बिजली नही है। जिससे कारोबार प्रभावित हो गया है। बर्तनों की सफाई करने वाले कारीगर महादेव, माता प्रसाद, बुच्चा, ने बताया कि 48 घंटे से बिजली गायब है। बिजली न होने से बर्तन सफाई का कार्य नही हो पा रहा है। वह लोग रोज कमाकर परिवार का भरण पोषण करते है। बिजली आपूर्ति न होने से पचास हजार की क्षति हुई है। बुनकर इसहाक, इमामुद्दीन अंसारी, रियाजुद्दीन अंसारी ने बताया कि बिजली नही होने से बुनकरी का काम दो दिनों से ठप है। इससे करीब दो हजार बुनकरों को करीब पचास लाख की आर्थिक क्षति हुई है।