संतकबीरनगर। इस बार के निकाय चुनावों में एक नई प्रथा शुरू हुई है। जहां महिलाओं को राजनीति में स्थापित होने के लिए मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है। वहीं निकाय चुनावों के आए परिणामों ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। इस तरह जहां लगभग हर सीट पर बड़े-बड़े धुरंधर राष्ट्रीय पार्टियों के टिकट पर अपना दांव आजमा रहे थे, वहीं महिला प्रत्याशियों ने छोटे दलों और निर्दलीय लड़ कर भी चुनाव अपने पक्ष में कर लिया।
इसी का जीता जागता उदाहरण है, वार्ड नंबर-21 शास्त्रीनगर की निर्दलीय प्रत्याशी सोनी वर्मा हैं। इससे पहले सोनी के पति रितेश वर्मा दो बार इसी वार्ड से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी, वहीं सोनी पहले ही प्रयास में सभासद चुनी गईं। वार्ड नंबर-15 बंजरिया से निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता देवी भी इसी कड़ी में शामिल हैं। दूसरी बार चुनाव जीतीं सुनीता देवी के पति भी इसी वार्ड से एक बार सभासद रह चुके हैं। बहरहाल 392 वोटों से चुनाव जीतीं सुनीता ने कहा कि क्षेत्र की जनता का विश्वास टूटने नहीं देंगी।
दलों की बात करें तो वार्ड नंबर-19 गोला बाजार से भाजपा प्रत्याशी सीमा वर्मा ने 242 वोटों से जीत कर अन्य दलों और पुरुष प्रत्याशियों के सामने संकट खड़ा कर दिया। मगहर की निर्दलीय चेयरमैन प्रत्याशी अनवरी बेगम ने भी जीत का परचम लहराया। इन परिणामों ने एक बात सिद्ध कर दी कि अब महिलाओं के लिए राजनीति उतनी कठिन नहीं है, जितना पुरुष प्रधान समाज में लोग कल्पना करते हैं।