धनघटा। निकाय चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने दलीय निष्ठा को दरकिनार का मनचाहे उम्मीदवार का प्रचार प्रसार किया। वहीं मतदाताओं ने भी जातिवाद और रूढ़ीवाद से परे हटकर विकास कार्य करने वाले प्रत्याशी का चयन किया।
देश और प्रदेश में जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्म के आधार पर राजनीतिक दलों ने मतदाताओं को अपने पाले में करने की शुरुआत जब की तो सामाजिक माहौल दिन प्रतिदिन दिन बिगड़ने लगा। मुस्लिम बाहुल्य बूथों पर जहां भाजपा अपने को कमजोर मानकर ध्रुवीकरण का प्रयास करने लगी तो दलित बाहुल्य बूथ पर बसपा का ही कब्जा होने लगा, लेकिन नगर निकाय के चुनाव में इन सभी पर मतदाताओं ने रोक लगाते हुए यह साबित कर दिया कि अब अधिक दिनों तक जातिवाद, क्षेत्रवाद और धर्म के नाम पर राजनीत की दुकान चलने वाली नहीं है।
नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के मुस्लिम बहुल, दलित बहुल बूथों पर जहां मतदाताओं ने भाजपा का कमल खिला दिया, वहीं सामान्य वर्ग की बहुलता वाले बूथ पर सपा, बसपा और निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी भी जातिवाद और धर्मवाद से परे हटते हुए जहां मिला वहां भोजन पानी किया। इसका लाभ भी चुनाव में मिला।