धनघटा। निकाय चुनाव में हुई हार से सपाई उबर नहीं पा रहे हैं। इस बीच जिले की नई कार्यकारिणी घोषित हो गई। इसमें जगह न मिलने का खुन्नस एक- दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर सोशल मीडिया पर उतार रहे हैं।
नगर पंचायत हैंसर बाजार- धनघटा में टिकट बंटवारे के दौरान ही विवाद की नींव पड़ गई थी। एक खेमा जहां मनीषा पासवान को पार्टी का टिकट दिलाने के लिए जिला मुख्यालय से लखनऊ कसरत कर रहा था तो वहीं दूसरा खेमा सुभावती चौहान को पार्टी का सिंबल दिए जाने के लिए एड़ी से चोटी तक का दम लगा दिया था। आखरी समय पार्टी का चुनाव निशान सुभावती चौहान के पाले में गया तो समर्थन मनीषा पासवान को मिला। मनीषा पासवान को चुनाव जिताने का आह्वान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी किए थे। चुनाव प्रचार जब परवान चढ़ा तो मनीषा पासवान के साथ स्थानीय स्तर से लेकर जिला स्तर के नेता कार्यकर्ता हो लिए। वही सपा का सिंबल सुभावती पासवान को दिलाने में कामयाब रहने वाले जब समर्थन पाने में असफल हुए तो अपना राग भी बदल दिए। पार्टी के भीतर उपजे अंतर्कलह का नतीजा चुनाव परिणाम आने के बाद दिखा, जब मनीषा पासवान चुनाव हार गई। इसी बीच पार्टी ने सोमवार को नई कार्यकारिणी का गठन की जिसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर अपनी-अपनी भड़ास नेता और कार्यकर्ता निकाल रहे हैं। कोई किसी पर पार्टी के साथ गद्दारी करने का आरोप मढ़ रहा है तो कोई पुराने कार्यकर्ताओं का उपेक्षा का आरोप लगा रहे। सोशल मीडिया से लेकर चाय पान की दुकानों तक सपाई बहस करते देखे जा रहे हैं।