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Sant Kabir Nagar News: कहीं पहुंचीं नई किताबें, कहीं पुरानी से हो रही पढ़ाई

Wed, 17 May 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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प्राथमिक विद्यालय गागरगाड़ में बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका।संवाद
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रोसया बाजार। परिषदीय विद्यालयों में सुधार और कायाकल्प करके पठन-पाठन में आमूल चूल परिवर्तन किए जाने के दावे लंबे समय से अधिकारी करते चले आ रहे हैं, लेकिन उनका यह दावा धरातल पर नहीं उतर रहा है। इसका प्रमाण स्कूल की टूटी चारदीवारी, शुद्ध पेयजल की समस्या और बच्चों के हाथों में पुरानी किताबें दे रही हैं।
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प्राथमिक विद्यालय खड़कपुर में 128 बच्चे पंजीकृत हैं। बुधवार को 78 बच्चे विद्यालय पर शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे थे। बच्चों के हाथों में पुरानी किताबों को देखकर जब नई किताब के संबंध में प्रधानाध्यापक प्रिंस कुमार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय पर अभी तक नई किताब नहीं पहुंची है। इसके कारण पुरानी किताबों से ही काम चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी तैयार है, लेकिन अभी गेट नहीं लग पाया है। विद्यालय का शौचालय बदहाल है। दिव्यांग शौचालय का निर्माण विद्यालय में नहीं हुआ है। विद्यालय का भवन पुराना होने की वजह से उसका कायाकल्प नहीं कराया गया।
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प्राथमिक विद्यालय नकहा में 163 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसमें से 55 बच्चे विद्यालय में मौजूद थे। प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार कुशवाहा ने बताया कि अभी हाल ही में किताब मिली है। जिसे बच्चों में वितरित कर दी गई है। इसी तरह कंपोजिट विद्यालय हरिवंश पुर में 255 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसके सापेक्ष 55 बच्चे विद्यालय पर पढ़ने आए थे। प्राथमिक विद्यालय गागरगाड में 135 बच्चे पंजीकृत हैं। 67 बच्चे विद्यालय पर शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे थे। प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार ने बताया कि विद्यालय की चारदीवारी लंबे समय से टूटी है, जिसकी मरम्मत के लिए शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया। साथ ही ग्राम प्रधान से कई बार कहा गया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय धौरहरा में 29 बच्चे पंजीकृत हैं। जिसके सापेक्ष बुधवार को 12 बच्चे विद्यालय शिक्षा ग्रहण करने पहुंचे थे। प्रधानाध्यापक कमलेश सिंह चौहान ने बताया कि यहां अकेले ही उनकी तैनाती है। पढ़ाई के साथ और सरकारी कार्य करना पड़ता है। जिसका असर पठन-पाठन पर पड़ रहा है। विद्यालय में दो दिन पहले किताबें आई हैं, जिसे बच्चों में वितरित किया जा रहा है।
शिक्षा क्षेत्र पौली में कुछ विद्यालयों में किताबें पहुंच गई हैं। तो कुछ विद्यालय के बच्चे अभी भी नई किताबों का इंतजार करते हुए पुरानी किताबों से काम चला रहे हैं। कहीं पर टूटा शौचालय तो कहीं दूषित जल उगलता हैंडपंप परिषदीय विद्यालयों की पहचान बन चुका है।

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सभी विद्यालयों में नई किताबें भेज दी गई हैं। अगर किसी विद्यालय में किताब नहीं पहुंच पाई है तो पता करके वहां पर भेज दी जाएंगी।
- ध्रुव कुमार जायसवाल
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परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। जितनी किताबें मिली हैं, उसे स्कूलों को भेज दी गई हैं, जहां किताबें नहीं पहुंची हैं, वहां जल्द भेजी जाएगी। इसके संंबंध में खंड शिक्षाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। जहां शौचालय, हैंडंपप आदि दुरुस्त नहीं हैं, वहां व्यवस्था सुधारी जाएगी।
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- अतुल कुमार तिवारी, बीएसए
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